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आर्थिंक तंगी से परेशान चूड़ी व्यापारी ने गोली मारकर की खुदकुशी

Sat, 03 Oct 2015 11:33 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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बीमारी और आर्थिक तंगी से त्रस्त चूड़ी व्यापारी ने मॉर्निंग वॉक पर जाने से पूर्व घर में लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पीएम के लिए भेज दिया। व्यापारी की मौत की सूचना पर भाजपा नेताओं के साथ उद्योगपति और व्यापारी भी जिला अस्पताल आ गए।
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उत्तर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौबेजी का बाग निवासी प्रमोद बाबू अग्रवाल (55) पुत्र रामबाबू अग्रवाल इटावा वालों का गांधी नगर में दुर्गा बैंगिल स्टोर के नाम से गोदाम है। उन्होंने अपनी दोनों पुत्री साक्षी और प्राची का विवाह करीब आठ वर्ष पूर्व कर दिया था। वह पत्नी के साथ चौबेजी के बाग में दूसरी मंजिल पर रहते थे। शनिवार सुबह करीब छह बजे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील टंडन, सुरेंद्र अग्रवाल और वेद प्रकाश गौतम प्रमोद बाबू अग्रवाल के साथ मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए उनके घर पहुंचे। सभी लोग घर के बाहर दरवाजे पर खड़े थे। तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी। दरवाजे पर खड़े सुनील टंडन और उनके साथी कुछ समझ पाते लेकिन इससे पहले ही प्रमोद के परिवारीजनों में चीखपुकार मच गई। भाजपा नेता मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंचे तो देखा प्रमोद अग्रवाल का शव कुर्सी पर पड़ा था और जमीन पर उनकी लाइसेंसी रायफल पड़ी थी। प्रमोद अग्रवाल की आत्महत्या की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। मामला चूड़ी कारोबारी की मौत से जुड़ा था, इसलिए सीओ सिटी राजेश चौधरी के साथ कोतवाल उत्तर भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। कोतवाल उत्तर का कहना है कि चूड़ी व्यापारी प्रमोद बाबू अग्रवाल ने बीमारी के कारण गोली मारकर आत्महत्या की है।

एक साल पूर्व हुआ था आपरेशन
प्रमोद के परिवारीजनों की मानें तो प्रमोद बाबू अग्रवाल का एक साल पूर्व दिल का आपरेशन हुआ था। तब से वह मानसिक रूप से परेशान थे। उन पर किसी का कोई कर्जा नहीं था, लेकिन शरीर द्वारा साथ न देने के कारण वह कारोबार पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे।इसके चलते आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ रहा था। इसलिए मकान को किराए पर भी उठा दिया था।
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