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नहीं मिल रहा सोडा एस, 20 चूड़ी कारखाने बंद

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नहीं मिल रहा सोडा एस, 20 चूड़ी कारखाने बंद
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- ग्लास सिंडीकेट का दावा, आने वाले दिनों में चूड़ी उद्योग पर आ सकता है बड़ा संकट
अन्य केमिकल के मूल्य में भी भारी इजाफा, शट डाउन की जुगत में कई और चूड़ी इकाइयां
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सुहागनगरी की लाइफ लाइन चूड़ी उद्योग मंदी की मार से जूझ रहा है। सोडा-एस की किल्लत बनी हुई। छह माह पूर्व 22 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिकने वाले सोडा-एस 52 रुपये किलो में भी नहीं मिल रहा। इसके बावजूद यह वर्तमान कीमत देने के बाद भी नहीं मिल पा रहा है। अन्य केमिकल के दाम भी बढ़े हैं। केमिकल के मूल्य बढ़ने के कारण चूड़ी कारखाना संचालक शटडाउन लेने लगे हैं। मंगलवार तक 20 चूडी कारखानों में उत्पादन का पहिया थम चुके हैं। दूसरी ओर चूड़ी इकाइयों में होली पर्व के कारण भी बंदी की बात कही जा रही है।
चूड़ी उद्योग को घरेलू बाजार व देश की सीमा से सटे नेपाल,बांग्लादेश,पाकिस्तान आदि से चूड़ी के आर्डर नहीं मिल रहे हैं। रंग-बिरंगी चूडी बनाने में प्रयुक्त होने वाले केमिकल नाइट्रेट, सल्फेट, सुहागा, जिंक, कोबाल्ट और कैडियम के दाम डेढ़ से दोगुने हो चुके हैं। नेचुरल गैस के दाम भी एक साल में करीब पांच से सात रुपये प्रति घनमीटर बढ़ चुके हैं। कई चूड़ी इकाई संचालक कारखाना बंद होने का कारण होली पर्व को बता रहे हैं, लेकिन हर बार महज दस से 12 दिन ही कारखाने बंद होेते हैं। चूड़ी कारखानों में उत्पादन ठप होने से 15 हजार चूड़ी कामगारों की आजीविका पर बड़ा असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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चूड़ी निर्माण में प्रयुक्त केमिकल व उनकी दर
केमिकल पुरानी दर नई दर
नाईट्रेट 40 90
सल्फेट 8 15
सुहागा 44 65
जिंक 190 280
कोबाल्ट 1200 1800
कैडियम 200 320
(मूल्य/दर प्रतिकिलोग्राम है। )
सोडा-एस का आयात ठप, स्वदेशी कंपनियों से भी घटी सप्लाई
कांच व चूड़ी इकाइयों में खपने वाला सोडा-एस टर्की, बेल्जियम, जर्मनी,पाकिस्तान और चीन से भी आता है। लेकिन इन देशों से सोडा-एस की सप्लाई पूरी तरह से ठप है। वहीं स्वदेशी कंपनियां गुजरात केमिकल, निरमा केमिकल, हिंदुस्तान केमिकल से भी सोडा-एस की सप्लाई 40 प्रतिशत तक घटा दी है।
यह भी एक बड़ा कारण-
फिरोजाबाद में चूड़ी, माउथ ब्लोइंग और कांच बोतल इंडस्ट्रीज संचालित हैं। अधिकांश सोडा-एस का कोटा कांच बोतल और माउथ ब्लोइंग इकाइयों के पास है। कारोबारियों की माने तो बड़ी इकाइयों को सोडा सप्लाई करने वाले एजेंटों ने किल्लत बढ़ते ही खुले बाजार में सोडा की खरीद करने वाले चूड़ी कारखानों को सोडा एस की सप्लाई पर ब्रेक अथवा कीमतें बढ़ा दी हैं।
इन इकाइयों उत्पादन ठप
नारायन ग्लास, मिलेनियम ग्लास, मातेश्वरी ग्लास, जैन ग्लास, कोहिनूर ग्लास, दुर्गा ग्लास, विनोबा ग्लास, बजरंग ग्लास, श्रंगार ग्लास, इंडियन ग्लास,चॉयस ग्लास, मुकेश ग्लास, विजेता ग्लास, श्रीनाथ,एमके ग्लास, अनूप ग्लास, एएम पटेल ग्लास, टाईगर ग्लास, शमां ग्लास, अंसार ग्लास।
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कारखाना संचालकों की बात
- जब तक कुटीर उद्योग की भांति संचालित चूड़ी उद्योग को सस्ती दर वाली एपीएम गैस का कोटा सुनिश्चित नहीं होगा। तब तक हालातों में सुुुधार की उम्मीद बेमानी है। कच्चे माल खास तौर सोडा एस की किल्लत के कारण कारखानेदारों के पास शट डाउन लेने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
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- हनुमान प्रसाद गर्ग, चैयरमेन, द ग्लास सिंडिकेट
मंगलवार तक 20 से अधिक चूड़ी कारखानों में काम बंद हो चुका है। सोडा-एस की किल्लत बड़ी परेशानी है। वैसे भी होली पर काम बंद हो जाता है। वर्तमान हालातों में कारखाना संचालक अब कब से दोबारा काम शुरू करेंगे। यह कहना मुश्किल है।
- बिन्नी मित्तल, अध्यक्ष, द इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसायटी
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