कांचनगरी में सट्टे से घर टूटकर बर्बाद हो रहे हैं। कुछ सट्टेबाजों के चुंगल में फंसकर अपनी जमापूंजी को खोकर जान दे रहे हैं तो कुछ शहर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्ष में शहर से बड़े से लेकर छोटे व्यापारी शहर को छोड़कर जा चुके हैं। वहीं सट्टेबाजों के खिलाफ 13जी एक्ट एक तरह से सुरक्षा कवच का काम कर रही है। सटोरियों का खुला उदेश्य बन गया है कि 13जी में चालान कराओ और जमकर सट्टा लगाओ।
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केस एक
शहर के दक्षिण थाना क्षेत्र में कुछ वर्ष पहले एक हकीम चंद्र नाम का युवक गायब हो चुका है। पहले वह बसों में दौली बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। लेकिन सट्टे की लत ने उसकी मेहनत खराब कर उसे कर्जदार बना डाला। फिर जब कर्जदारों ने उसकी चौखट पर आना शुरू किया तो वह परिवार को लेकर राजस्थान की ओर फरार हो गया।
केस दो
करीब दो साल पहले एक निजी बैंक में मैनेजर को सट्टे की लत ऐसी पकड़ी कि वह लगातार कर्जदार हो गया। नौबत यहां तक की आ गई कि लोगों के डर के कारण उसे नौकरी तक छोड़नी पड़ी। इस समय वह शहर के फरार हो गया है। इतना ही नहीं वहीं कई धनाढ्य परिवार सब कुछ खोकर शहर छोड़ चुके हैं। इन सबके पीछे कारण सट्टा कारोबार रहा।
केस तीन
नवंबर 2022 में थाना दक्षिण के मोहल्ला में एक कारोबारी द्वारा खुलेओम अवैध सट्टे के कारोबार से मजदूरी करने वालों को गलत लत लाकर मेहनत की कमाई लूटने की शिकायत मिली थी। तभी इलाके के लोगों ने तत्कालीन डीएम और एसएसपी से की थी। सुनवाई न हाेने पर शिकायतकर्ताओं ने शहर से पलायन करने के पोस्टर घरों के बाहर चस्पा किए थे। तब जाकर तत्कालीन सीओ सिटी ने मामले में पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था।
13 जी से नहीं डरते लोग, थाने से मिल जाती आसानी से जमानत
दरअसल इसके पीछे 13जी एक्ट का भी अहम हाथ है। जमानतीय अपराध होने के कारण आसानी से इसमें जमानत मिल जाती है। जबकि नियम यह है कि अगर पुलिस घर में या किसी अड्डे पर सट्टा होते हुए पकड़े तब धारा 3/4 लगानी चाहिए। लेकिन पुलिस 13जी में ही उनका चालान कर थाने से जमानत दे देती है। जबकि सट्टा करने वाला पूरा गैंग होता है। थाना उत्तर, दक्षिण, रसूलपुर, रामगढ़ और लाइनपार क्षेत्र के सट्टा खिलाने का वीडियो आए दिन वायरल होते रहते हैं।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
सीओ सिटी अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार अवैध कार्य करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। सट्टा खिलाने वालों के यहां छापामार कार्रवाई कर कार्य बंद कराए गए थे। अगर पुन: इस तरीके के कार्य हो रहे हैं। तो कड़ाई से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।