सुहागनगरी पहुंची मां अमृतानंदमयी अम्मा
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विश्व प्रसिद्ध मां अमृतानंदमयी अम्मा ने सुहागनगरी पहुंचकर ममत्व बिखेरा। मां का आशीष मिला तो कुछ ने चरण वंदन कर अनुकंपा मांगी। अम्मा ने भक्तों को गले से लगाकर उनके माथे चूमे और आशीर्वाद दिया। जनकल्याण की भावना रखते हुए सभी के प्रेम से रहने की कामना की।
वृंदावन से मां अमृतानंदमयी अम्मा अपने काफिले के साथ शनिवार को सुहागनगरी पहुंची। शहर के एफएम ग्रीन सिटी में दोपहर विश्राम और भोजन किया। यहां उन्होंने भक्तों से मुलाकात की। बातचीत में यमुना शुद्धि पर समाज और सरकारों को आइना दिखाया और साथ ही जागरूकता पर जोर देते हुए यमुना को पवित्र करने की बात कही।
मां अमृतानंदमयी अम्मा ने कहा कि घरों, नालों और फैक्ट्रियों से आकर यमुना में घुलने वाले विष को रोकना होगा। सरकारों को जागरूक होना होगा। यमुना के समानांतर कोई अन्य व्यवस्था करते हुए ड्रेनेज का प्रबंध करना होगा अन्यथा यमुना इसी तरह कलुषित होती रहेगी। अम्मा ने बताया कि किसी व्यक्ति अथवा संस्था के प्रयास परिणाम नहीं ला सकते अपितु सामूहिक प्रयास से यमुना में गंदगी के प्रवाहित होने को रोकना पड़ेगा।
बताया कि यमुना के अलावा गंगा की निर्मलता के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ट्रस्ट से अभी सौ करोड़ रुपये का सहयोग दिया गया है। गंगा किनारे शौचालय बनाए जा रहे हैं। गंगा को शुद्ध रखने के लिए गोमुख से लेकर वाराणसी तक वालंटियरों से जागरूकता अभियान चलवाया जाएगा। उनका मानना है कि उद्योगों को भी ड्रेनेज का विकल्प देना पड़ेगा। इस दौरान उसके साथ मौजूद पांच सैकड़ा से अधिक भक्तों ने भक्ति संगीत का गायन भी किया। इस दौरान झब्बूलाल तिवारी, अचल अग्रवाल, अजीत अग्रवाल, एफएम सिटी के संजय मित्तल आदि मौजूद रहे।
यमुना बचाओ अभियान के लिए ‘अमर उजाला’ की सराहना
ब्रज में ‘यमुना बचाओ’ अभियान के लिए अमृतानंदमयी मां ने ‘अमर उजाला’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि मथुरा में लोगों से ‘अमर उजाला’ के प्रयासों और अभियानों की जानकारी मिली। यह अभियान का ही परिणाम है कि यमुना आंदोलन खड़ा हुआ। अन्य अखबार भी अमर उजाला से प्रेरणा लें।