फिरोजाबाद। कोरोना महामारी के कारण विगत दो साल से बाजार ठंडा पड़ा है। हालांकि संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद इस बार दिवाली पर जिले के बर्तन व्यापारियों को रौनक लौटने की उम्मीद है। दो साल से घाटा उठा रहे दुकानदार इस बार ग्राहकों केे लुभाने के लिए कुछ न कुछ ऑफर देने की तैयारी में हैं। दुकानदारों की मानें तो कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है लेकिन इस बार बाजार ठीक रहने की उम्मीद है।
पिछले दो साल त्योहारों पर कोरोना संक्रमण का साया रहा। दूसरी लहर में प्रतिदिन 50 से लेकर 200 तक लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे थे। ऐसे में सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया और शादियों का साया भी बर्तन व्यापारियों को खुशी नहीं दे सका। इससे पहले पिछली दिवाली पर भी बाजार में धनतेरस सूनी रही।
अब कोरोना संकट धीरे-धीरे दूर हो रहा है तो बाजार भी ग्राहकों को लुभाने के लिए साजो सजावट के साथ तैयार है। जिले के बर्तन दुकानदारों ने धनतेरस और दिवाली के लिए स्टील, तांबा, सिल्वर, पीतल के बर्तनों का स्टॉक कर लिया है। इस बार कम मूल्य के छोटे बर्तनों का अधिक स्टॉक किया गया है। दुकानदारों को उम्मीद है कि महंगाई बढ़ने से परंपरा निभाने के लिए लोग औपचारिकता बतौर छोटे बर्तनों की खरीदारी करेंगे।
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ होता है। दो साल से त्योहार फीका था लेकिन इस बार धनतेरस पर बर्तन बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है। बर्तनों के दाम बढ़े हैं। 50 से सौ रुपये प्रति किलो बर्तन के भाव में महंगाई आई है। हालांकि बर्तन की आकर्षक डिजाइन लोगों को लुभाएंगी। बड़े आइटमों से ज्यादा छोटे आइटम पर जोर दिया है।
चंद्रभान जैन, बर्तन व्यापारी बर्तन वाली गली
- पीतल के बर्तन बहुत कम लोग खरीदते हैं। कुछ लोग पूजा की थाली के साथ पूजा के लिए पीतल के बर्तन खरीदते हैं। अधिकांश लोग स्टील के बर्तनों की मांग करते हैं। इस बार खास तौर पर स्टील के फैंसी आइटम मंगाए हैं। दो साल से लोगों ने खरीदारी नहीं की है। ऐसे में इस बार अच्छे व्यापार की उम्मीद है।
संजीव वर्मा, बर्तन व्यापारी, बर्तन वाली गली