फिरोजाबाद। कोहरा का कुहासा बृहस्पतिवार को दिन में भी नहीं छंटा। इसके कारण पूरे दिन गलन भरी सर्दी रही। दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हो सके। सर्दी बढ़ने के साथ बुजुर्गवार ने दिन में रजाई नहीं छोड़ी। स्कूलों में छोटी कक्षाओं छात्र-छात्राएं ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। ओवरब्रिज के नीचे लोग सर्दी से बचाव के लिए अलावा तापते दिखाई दिए।
बाजारों में भी गरम कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। प्रशासन ने भी सर्दी से बचाव को गैस हीटर जलवाने के साथ रैन बसेरों में इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कोहरे के कारण हाईवे पर वाहन रेंगते दिखाई दिए। ऐसा ही नजारा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भी देखने को मिला। हालांकि हादसा रोकने के लिए परिवहन विभाग की टीमें सक्रिय रहीं। सिंगल रूटों पर भी वाहन धीमी गति से चल रहे थे।
वितरण के लिए भेजे कंबल, अलाव जलवाने के निर्देश
डीएम रमेश रंजन ने सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सदर तहसील में 1400 एवं बाकी चार तहसीलों में एक-एक हजार कंबल वितरण को भिजवाए हैं। प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं। फिरोजाबाद एवं टूंडला तहसील टीटी जोन में आने के कारण यहां गैस के हीटर जलवाए जा रहे है। जबकि जसराना, शिकोहाबाद एवं सिरसागंज तहसीलों को अलाव के लिए धनराशि आवंटित की जा रही है।
11 रैन बसेरों की व्यवस्था, 42 स्थानों पर गैस हीटर लगवाए
एक्सईएन जलकल एवं प्रभारी रैन बसेरा सतीश चंद्र ने बताया कि नगर निगम ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल सहित आठ अस्थाई एवं तीन स्थाई रैन बसेरों की स्थापना कराई है। वहीं 42 स्थानों पर गैस हीटरों को लगवाया गया है। ताकि गरीब बेसहारा लोग सर्दी से बचाव कर सकें।
आलू उत्पादक किसानों को सताई झुलसा रोग की चिंता
फिरोजाबाद। घना कोहरा एवं शीतलहर बढ़ने के साथ जिले के आलू उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो अत्यधिक कोहरा पड़ने से आलू की फसल में पिछैती झुलसा रोग लग जाता है। इसके कारण सीधे तौर पर आलू की फसल की पैदावार प्रभावित होगी। किसानों ने अभी से फसल के बचाव का इंतजाम करना प्रारंभ कर दिया है।
शीतलहर एवं कोहरा गेहूं की फसल के लिए तो लाभदायक साबित हो रहा है, लेकिन आलू की पैदावार को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में आलू किसान फसल बचाने की जुगत में जुट गए हैं। टूंडला, फिरोजाबाद, नारखी, खैरगढ़ के साथ सिरसागंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आलू की फसल होती है।
- घना कोहरा पड़ने के साथ दिन में धूप नहीं निकली। इसके कारण आलू की फसल में पिछैती झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। बचाव का इंतजाम करने में जुटे हैं। - ओमवीर सिंह पिंटू मोहम्मदपुर
- अत्यधिक सर्दी के कारण आलू की फसल में झुलसा रोग लग सकता है। 20 बीघा में आलू की फसल की है। कोहरे के प्रभाव से बचाने का इंतजाम कर रहे हैं। - जाकुर हुसैन राजपुर डोरसा
- अत्यधिक सर्दी एवं कोहरे के कारण आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। किसान इसे रोग से बचाने के लिए दवा का छिड़काव कर सकते हैं। - सुमित कुमार चौहान जिला कृषि अधिकारी
कोहरे ने बिगड़ा रेल संचालन, नौ घंटे देरी से पहुंचीं ट्रेनें, तीन निरस्त
टूंडला। एक दिन मौसम साफ रहने के बाद बृहस्पतिवार रात से फिर से घने कोहरे ने रेल संचालन पर खासा असर डाला। कोहरे के चलते ट्रेनें अपने निर्धारित समय से नौ घंटे तक देरी से टूंडला पहुंचीं। साथ ही रेल प्रशासन को देरी से चलने वाली अप व डाउन की तीन ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। ऐसे में रेलयात्रियों को कड़ाके की सर्दी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
टूंडला रेलवे स्टेशन से रोज 10 से 12 हजार की संख्या में रेलयात्री यात्रा करते हैं। कोहरे के चलते ट्रेनें घंटों देरी से स्टेशन पहुंची। रेल प्रशासन ने अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चल रहीं अप की महानंदा एक्सप्रेस, नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस व डाउन की सूबेदारगंज सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रद्द कर दिया। ऐसे में रेल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिल्ली और आगरा की ओर देरी से जाने वाली विलंबित ट्रेनें
पूर्वा एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, अवध एक्सप्रेस छह घंटे, मरुधर एक्सप्रेस ढाई घंटे, दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस तीन घंटे, मगध एक्सप्रेस तीन घंटे, अजीमाबाद एक्सप्रेस पांच घंटे, नंदन कानन एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, नेताजी एक्सप्रेस ढाई घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस तीन घंटे, जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस दो घंटे, कालिंदी एक्सप्रेस चार घंटे, आम्रपाली एक्सप्रेस तीन घंटे, ब्रह्मपुत्र मेल दो घंटे, फरक्का एक्सप्रेस चार घंटे देरी से पहुंची।
कानपुर की ओर देरी से जाने वाली ट्रेनें
ऊंचाहार एक्सप्रेस ढाई घंटे, फरक्का एक्सप्रेस नौ घंटे, कालिंदी एक्सप्रेस छह घंटे, ब्रह्मपुत्र मेल चार घंटे, नेताजी एक्सप्रेस तीन घंटे, मुरी एक्सप्रेस छह घंटे देरी से पहुंची।