राजस्थान में बीपीएड की फर्जी डिग्री पकड़े जाने के कारण जयपुर जेल में बंद जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा समेत यूनिवर्सिटी के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें जिला प्रशासन से ही नहीं, बल्कि शासन स्तर से भी बढ़ चुकी हैं। इस फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद शासन को गोपनीय ई-मेल के माध्यम से 21 मार्च को रिपोर्ट भेजी गई थी। 22 मार्च को राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ. दिनेश कुमार ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरु करवा दी थी।
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वह गत 22 मार्च को इस मामले की जांच के लिए स्वयं शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। जहां उन्हें यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति, रजिस्टार, परीक्षा नियंत्रक, वित्त अधिकारी, कुलपति समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी गैर हाजिर मिले थे। कोई भी प्रशासनिक अधिकारी यूनिवर्सिटी में नहीं था। यूनिवर्सिटी में सिर्फ शिक्षण कार्य के लिए कुछ शिक्षक मौजूद थे। जिन्होंने इस मामले की जानकारी होने से साफ इन्कार कर दिया था। इसके बाद अपर सचिव ने दूसरी बार 24 मार्च को पुनः यूनिवर्सिटी पहुंचकर जांच की थी। इस बार भी वह लौट आए थे। उन्हें वहां मात्र सुरक्षा गार्ड मिले थे।
इसके चलते उन्होंने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वीपी अग्रवाल से फोन से बात की, तो उन्होंने बताया था कि कुलाधिपति एवं रजिस्ट्रार जेल में हैं। तब अपर सचिव ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है कि यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी समस्त अभिलेख एवं रिकॉर्ड लेकर लखनऊ स्थित विभाग में तत्काल उपस्थित हों। जांच कर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। अपर सचिव के नोटिस को भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दरकिनार कर दिया है। ऐसे में राज्य उच्च शिक्षा परिषद लखनऊ ने भी यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है।
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पुलिस के पास पहुंची गाड़ी नंबर समेत यूनिवर्सिटी के दलालों की सूची
थाना शिकोहाबाद में जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ दो केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई को तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि शहर के कुछ संदिग्ध दलालों के नाम पुलिस के प्रकाश में आए हैं। जिनको जल्द ही ट्रेस किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के कुछ संदिग्ध दलालों के नाम, उनके गाड़ी नंबर तथा मोबाइल नंबर भी पुलिस के प्रकाश में आये हैं। जिनको पुलिस जल्द ही ट्रेस कर पूछताछ के लिए हिरासत में लेने का दावा कर रही है।
सीओ प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के वांछित आरोपियों की तलाश जारी है। कुछ संदिग्ध दलालों के नाम और उनके गाड़ी नंबरों की सूची प्रकाश में आई है। जो सूची प्राप्त हुई है, वह वाकई कमीशन लेकर दाखिला कराते थे, इसकी पुष्टि के लिए जल्द ही इनकी तलाश शुरु कर दी जाएगी। उनको पकड़ने के बाद उनसे भी इस प्रकरण के संबंध में पूछताछ होगी।