फिरोजाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट मुमताज अली ने थाना नारखी क्षेत्र में ननिहाल में आई बालिका से 17 जून 2025 को हुई दुष्कर्म के बाद हत्या, पॉस्को एक्ट, साक्ष्य गायब करने के दोषी मुख्य आरोपी कौशल को घटना के महज 44 दिन में ही आजीवन कारावास (कठोर दंड अंतिम सांस तक) की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख 40 हजार का अर्थदंड लगाया है। अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इसके साथ ही आरोपी के माता-पिता एवं भाई को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा व बीस-बीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
घटनाक्रम थाना नारखी क्षेत्र के एक गांव का 17 जून 2025 का है। मृतका के मामा ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि जनपद हाथरस की निवासी बालिका उसके घर आई थी। खेलने के दौरान गायब हो गई थी। मृतका को कौशल चाऊमीन दिलाने के बहाने ले गया था। पीड़ित खोजने गया तो आरोपी कौशल, उसके पिता अर्जुन, मां राधा देवी एवं बड़ा भाई मनीष ने खोजने नहीं दिया। वह दरवाजे पर खड़े हो गए थे।
विपक्षियों ने हत्याकर शव को छिपा दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ मामले की विवेचना कर आठ दिन में जांच रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी। मामला सेशन के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट मुमताज अली के न्यायालय में पहुंचा।
उन्होंने गवाहों के बयान, फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर मुख्य आरोपी कौशल को दुष्कर्म के बाद हत्या, पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा कठोर दंड अंतिम सांस तक की सजा तथा शव छिपाने के मामले में सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। माता-पिता एवं भाई को शव छिपाने का दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा एवं बीस-बीस हजार का अर्थदंड लगाया है।
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