फीरोजाबाद। रविवार सुबह पुरानी रंजिश के चलते सपा नेता विनय यादव (38) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। घटना से गुस्साए लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौके पर पर पहुंचे पुलिस कर्मियों को पीटना शुरू कर दिया, एक दारोगा का सिर फोड़ दिया। इसी बीच कुछ लोग हाईवे पर पहुंच गए और उन्होंने वाहनों में तोड़ फोड़ शुरू कर दी। हाईवे पर जाम लगा दिया। चार घंटे तक एनएच टू पर यातायात बाधित रहा और बवाल होता रहा। बाद में सांसद अक्षय यादव ने ठोस कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर लोगों ने जाम खोला। घटना की गाज चार पुलिस अफसरों पर गिरी हैं। एसपी डाक्टर राकेश सिंह के साथ थाना प्रभारी उत्तर व दक्षिण को निलंबित कर दिया गया तथा सीओ सदर को सर्किल से हटा दिया गया।
मोहल्ला जैन नगर निवासी सपा मजदूर सभा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य विनय यादव सुबह करीब साढ़े सात बजे हाईवे किनारे स्थित अंशुल यादव यादव ट्रांसपोर्ट के बाहर अखबार पढ़ रहे थे। इसी दौरान तीन बाइक पर आए छह हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून दिया और फरार हो गए। घटना के बाद परिवारीजनों के साथ क्षेत्रीय लोग और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के खिलाफ लोगों में गुस्सा था और उन्होंने दारोगा राघवेंद्र को सिर में ईंट मार कर घायल कर दिया। सिपाही गिरीश चंद्र और धीरज की पिटाई की। हाईवे पर उतर कर जाम लगा दिया। कई वाहन चालकों की पिटाई की, उनके वाहनों के शीशे तोड़ दिए। मौके पर पहुंचे अधिकारी दूर से तमाशबीन बने यह सब देखते रहे। सांसद अक्षय यादव ने यहां पहुंचकर लोगों को समझा बुझाकर शांत किया और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। दोपहर करीब 12 बजे कोतवाल उत्तर और दक्षिण के निलंबन और सीओ सदर को हटाने की घोषणा होने के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ। दोपहर 12.20 बजे मौके से पुलिस ने शव उठाया। पुलिस ने भीमनगर और महावीर नगर में दबिश दी। एक आरोपी की मां को महावीर नगर से हिरासत में ले लिया और उसके यहां से पुलिस ने दो बाइक भी बरामद की। घटना की रिपोर्ट विनय यादव की भाभी ने बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह सिंह, उसके भाई पूर्व सभासद निहाल सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। शव के पोस्टमार्टम के दौरान जिला अस्पताल पहुंचे डीआईजी को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि यह घटना 19 अगस्त 2008 को सदर तहसील में हुई बल्देव (मथुरा) निवासी भोला उर्फ भोजराज की हत्या से जुड़ी है। उस समय विनय यादव भी हमले में घायल हुआ था। इस मामले में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह सिंह, उसके भाई निहाल सिंह निवासी भीमनगर थाना दक्षिण और विजेंद्र निवासी टीला मोहल्ला दक्षिण नामजद हुए थे तथा फतेह सिंह व निहाल सिंह अभी फरार चल रहा है। इनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित हैं। विनय यादव इस मामले में पैरवी कर रहा था। इसी के चलते यह घटना हुई।
छह वर्षों से लगातार कर रहा था विनय सुरक्षा की मांग
फीरोजाबाद। खाकी के प्रति परिवारीजनों का गुस्सा यूं ही नहीं भड़का। विनय यादव व उनके परिवार की पुलिस ने एक नहीं सुनी। छह वर्षों से उसने थाने से लेकर एसपी के दरबार तक परिवार की सुरक्षा व दोषियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई। सबसे अहम बात यह है कि वारदात से लगभग 12 घंटे पहले शनिवार रात को भी सिनेमा चौराहे पर विनय को घेरने का प्रयास किया गया था।
रविवार सुबह सपा नेता विनय यादव की हत्या सुनकर हर कोई चौंक गया। हत्या के एक घंटे बाद चौकी प्रभारी आगरा गेट कोबरा टीम के साथ पहुंचे तो लोगों का गुस्सा उन्हीं पर निकला। गुस्साए युवकों ने गालीगलौज, अभद्रता ही नहीं की बल्कि पथराव किया। गुस्सा देख खाकी बाइकें छोड़ भागी। एसएचओ उत्तर से अभद्रता की गई। परिजनों का आरोप था कि सुरक्षा की गुहार विनय पिछले छह वर्षों से कर रहा था। पूर्व में नगर पालिका के वाटरवर्क्स में हमला हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के नाम पर खानापूरी की गई। नारखी थाना में हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। मजबूरी में वह विवेचना पचोखरा थाने को ट्रांसफर कराने को विवश हुए। आरोपी कई बार धमकाते रहे इसके कारण सुरक्षा की गुहार विनय लगाता रहा। पुलिस के अफसरों ने नहीं सुनी। शनिवार की शाम को भी सिनेमा चौराहे के समीप होटल पर विपक्षियों ने घेरने का प्रयास किया। लेकिन प्रभारी निरीक्षक दक्षिण को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची तो जरूर लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की। परिवारीजनों का कहना था चार लोग थे इसलिए बच गए नहीं तो रात में ही हत्या हो जाती। विनय के भाई सतीश का रो-रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था पुलिस सुरक्षा दे देती तो मेरे की हत्या नहीं होती। उसने हत्या के लिए पूरी तरह से पुलिस जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस के पास नहीं था सवालों का जवाब
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। सपा नेता विनय यादव की हत्या के बाद वहां मौजूद अफसरों के पास विनय के साथियों के सवालों का जवाब नहीं था। उनका सवाल था कि तीन दिन पूर्व एसपी से सुरक्षा को मिले थे। उन्होंने सुरक्षा देने के बजाय हंस कर टाल दिया था। सपा मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव, विनय के साथियों ने मौके पर मौजूद सीओ सिटी राजेश चौधरी, सीओ सदर जगदीश सिंह, सीओ शिकोहाबाद श्याम कांत के समक्ष सवाल उठाया कि पिछले छह वर्ष से सुरक्षा की गुहार करते रहे। किसी ने नहीं सुनी। शनिवार की शाम घेरने का प्रयास किया यदि पुलिस चाहती तो उनको पकड़ लेती और विनय की जान बच सकती थी।
सांसद ने बंधाया ढांढस
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। सपा नेता विनय यादव की हत्या की घटना के बाद सांसद अक्षय यादव ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। सांसद ने दोनों एसएचओ को निलंबित करने एवं वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। सांसद अक्षय यादव, शिकोहाबाद विधायक ओमप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष डा. दिलीप यादव ने बंद कमरे में पीड़ित पक्ष से बातचीत की। अक्षय बाहर निकले तो भीड़ में युवक बोले क्या कार्रवाई कराएंगे बता तो जाओ। सांसद रुके और बोले कि दोनों एसएचओ निलंबित होंगे और वरिष्ठ अफसरों पर कार्रवाई होगी। सपा जिलाध्यक्ष ने करीब एक घंटे के बाद वापस आकर कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद ही शव को उठाया जा सका।
सहमी-सहमी रही खाकी
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। हाईवे को जाम करने के बाद मौके पर तीन-तीन सीओ, कई थाना प्रभारी के साथ पीएसी मौजूद थी। इसके साथ ही आरएएफ को मौके पर बुला लिया। भारी पुलिस बल होने के बावजूद पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास नहीं किया। धूप बढ़ी तो सिपाही होर्डिंग्स एवं त्रिपाल की छांव में खड़े दिखाई दिए।
घटनास्थल से सौ कदम दूरी पर पुलिस चौकी
सपा नेता विनय यादव की हत्या से महज सौ कदम की दूरी पर आगरा गेट पुलिस चौकी है। हत्या के बाद बाइकों पर सवार हमलावर बेखौफ होकर आसानी से निकल गए। पुलिस घटना के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची।
भाई एवं साथी को मिलेगी सुरक्षा
सांसद अक्षय यादव ने लोगों को बताया कि मृतक विनय यादव के भाई सतीश एवं मुकदमे के वादी चंद्रपाल को एसपी से सुरक्षा प्रदान कराई जाएगी। एसपी डा. राकेश सिंह ने सुरक्षा दिए जाने की पुष्टि की है।
चार घंटे हाईवे पर फैली रही दहशत
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। सपा नेता विनय यादव की हत्या से गुस्साए युवकों ने हाईवे जाम कर दिया। चौराहे पर जो भी वाहन दिखे उनके चालकों को पीटा, तोड़फोड़ की। सुभाष तिराहे से उसायनी तक दहशत दिखाई दी। बंबा बाईपास पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण जाम लगा रहा।
आगरा जा रही रोडवेज बस को हाईवे पर खड़ा करा लिया तो दूसरी ओर एक ट्रैक्टर को जबरन खड़ा कराया। सवारियां जान बचाकर भागने को विवश हुई। ऑटो व टैंपो चालकों को पीछे लौटाया। कई की पिटाई कर दी पुलिस भी इस समय मूक बनी रही। इधर उसायनी से शहर की ओर आने वाले नाले के किनारे से मथुरानगर होकर निकलने को विवश हुए। पुलिस ने आसफाबाद व उसायनी चौराहे से ट्रैफिक को बंबा बाईपास से निकालने के आदेश दिए। वाहनों का दबाव बढ़ते ही बंबा बाईपास जाम हो गया। बसों एवं कार में सवार जिन लोगों को शहर में आना था वह परेशान दिखे। सांसद अक्षय यादव पीड़ित के घर पहुंचे तो भीड़ हाईवे पर कम हो गई। भारी पुलिस बल होने के बाद भी खाकी की जाम खुलवाने की हिम्मत नहीं पड़ी। सांसद के जाते ही युवकों ने हंगामा कर दिया। कई ऑटो चालकों को पीटा। सर्विस रोड व सुहागनगर के मुख्य रोड को बंद कर दिया। सुबह आठ बजे से लगा जाम 12.30 बजे के बाद खुला।
शनिवार रात को भी विनय की हुई थी घेराबंदी
हेडिंग
सपा नेता की हत्या, दो एसओ और एसपी निलंबित
सब हेड
चार घंटे तक एनएच टू पर जाम और बवाल, पुलिस को पीटा, दारोगा समेत तीन घायल
क्रासर
बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़ तोड़ गोलियां बरसाकर ली जान
बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष से चल रही रंजिश में हुई दूसरी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। रविवार सुबह पुरानी रंजिश के चलते सपा नेता विनय यादव (38) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। घटना से गुस्साए लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौके पर पर पहुंचे पुलिस कर्मियों को पीटना शुरू कर दिया, एक दारोगा का सिर फोड़ दिया। इसी बीच कुछ लोग हाईवे पर पहुंच गए और उन्होंने वाहनों में तोड़ फोड़ शुरू कर दी। हाईवे पर जाम लगा दिया। चार घंटे तक एनएच टू पर यातायात बाधित रहा और बवाल होता रहा। बाद में सांसद अक्षय यादव ने ठोस कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर लोगों ने जाम खोला। घटना की गाज चार पुलिस अफसरों पर गिरी हैं। एसपी डाक्टर राकेश सिंह के साथ थाना प्रभारी उत्तर व दक्षिण को निलंबित कर दिया गया तथा सीओ सदर को सर्किल से हटा दिया गया।
मोहल्ला जैन नगर निवासी सपा मजदूर सभा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य विनय यादव सुबह करीब साढ़े सात बजे हाईवे किनारे स्थित अंशुल यादव यादव ट्रांसपोर्ट के बाहर अखबार पढ़ रहे थे। इसी दौरान तीन बाइक पर आए छह हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून दिया और फरार हो गए। घटना के बाद परिवारीजनों के साथ क्षेत्रीय लोग और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के खिलाफ लोगों में गुस्सा था और उन्होंने दारोगा राघवेंद्र को सिर में ईंट मार कर घायल कर दिया। सिपाही गिरीश चंद्र और धीरज की पिटाई की। हाईवे पर उतर कर जाम लगा दिया। कई वाहन चालकों की पिटाई की, उनके वाहनों के शीशे तोड़ दिए। मौके पर पहुंचे अधिकारी दूर से तमाशबीन बने यह सब देखते रहे। सांसद अक्षय यादव ने यहां पहुंचकर लोगों को समझा बुझाकर शांत किया और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। दोपहर करीब 12 बजे कोतवाल उत्तर और दक्षिण के निलंबन और सीओ सदर को हटाने की घोषणा होने के बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ। दोपहर 12.20 बजे मौके से पुलिस ने शव उठाया। पुलिस ने भीमनगर और महावीर नगर में दबिश दी। एक आरोपी की मां को महावीर नगर से हिरासत में ले लिया और उसके यहां से पुलिस ने दो बाइक भी बरामद की। घटना की रिपोर्ट विनय यादव की भाभी ने बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह सिंह, उसके भाई पूर्व सभासद निहाल सिंह सहित सात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। शव के पोस्टमार्टम के दौरान जिला अस्पताल पहुंचे डीआईजी को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।
बताया जाता है कि यह घटना 19 अगस्त 2008 को सदर तहसील में हुई बल्देव (मथुरा) निवासी भोला उर्फ भोजराज की हत्या से जुड़ी है। उस समय विनय यादव भी हमले में घायल हुआ था। इस मामले में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह सिंह, उसके भाई निहाल सिंह निवासी भीमनगर थाना दक्षिण और विजेंद्र निवासी टीला मोहल्ला दक्षिण नामजद हुए थे तथा फतेह सिंह व निहाल सिंह अभी फरार चल रहा है। इनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित हैं। विनय यादव इस मामले में पैरवी कर रहा था। इसी के चलते यह घटना हुई।
छह वर्षों से लगातार कर रहा था विनय सुरक्षा की मांग
थाना, सीओ से लेकर एसपी के दरबार तक लगाई हाजिरी
विनय और साथियों पर दो बार जानलेवा हमले भी हुए
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। खाकी के प्रति परिवारीजनों का गुस्सा यूं ही नहीं भड़का। विनय यादव व उनके परिवार की पुलिस ने एक नहीं सुनी। छह वर्षों से उसने थाने से लेकर एसपी के दरबार तक परिवार की सुरक्षा व दोषियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई। सबसे अहम बात यह है कि वारदात से लगभग 12 घंटे पहले शनिवार रात को भी सिनेमा चौराहे पर विनय को घेरने का प्रयास किया गया था।
रविवार सुबह सपा नेता विनय यादव की हत्या सुनकर हर कोई चौंक गया। हत्या के एक घंटे बाद चौकी प्रभारी आगरा गेट कोबरा टीम के साथ पहुंचे तो लोगों का गुस्सा उन्हीं पर निकला। गुस्साए युवकों ने गालीगलौज, अभद्रता ही नहीं की बल्कि पथराव किया। गुस्सा देख खाकी बाइकें छोड़ भागी। एसएचओ उत्तर से अभद्रता की गई। परिजनों का आरोप था कि सुरक्षा की गुहार विनय पिछले छह वर्षों से कर रहा था। पूर्व में नगर पालिका के वाटरवर्क्स में हमला हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के नाम पर खानापूरी की गई। नारखी थाना में हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। मजबूरी में वह विवेचना पचोखरा थाने को ट्रांसफर कराने को विवश हुए। आरोपी कई बार धमकाते रहे इसके कारण सुरक्षा की गुहार विनय लगाता रहा। पुलिस के अफसरों ने नहीं सुनी। शनिवार की शाम को भी सिनेमा चौराहे के समीप होटल पर विपक्षियों ने घेरने का प्रयास किया। लेकिन प्रभारी निरीक्षक दक्षिण को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची तो जरूर लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की। परिवारीजनों का कहना था चार लोग थे इसलिए बच गए नहीं तो रात में ही हत्या हो जाती। विनय के भाई सतीश का रो-रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था पुलिस सुरक्षा दे देती तो मेरे की हत्या नहीं होती। उसने हत्या के लिए पूरी तरह से पुलिस जिम्मेदार ठहराया है।