जलनिगम की बनाई सड़कों की गुणवत्ता परखेगा निगम
-लोकसभा चुनाव को देखते हुए नगर आयुक्त ने जलनिगम द्वारा बनवाई सड़कों की मांगी सूची
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। नगर निगम सीमा के अंतर्गत हर वार्ड में गलियां खुदी पड़ी हैं। जनपद में 23 अप्रैल मतदान होना है, ऐसे में वोट डालने में मतदाताओं को होने वाली परेशानी को देखते हुए नगर आयुक्त से जलनिगम से बनवाई सड़कों की सूची मांगी गई है।
432 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन परियोजना के अंतर्गत पूरे शहर में गंगाजल की आपूर्ति के लिए जलनिगम ने पाइप लाइन डालने का कार्य कराया है। कार्य पूरा हुए महीनों बीते चुके हैं, परंतु अभी तक खुदी हुई सड़कों का निर्माण नहीं कराया गया। वहीं जिन क्षेत्रों में सड़कों पर पेंचवर्क कराया है, वहां मानक के अनुरूप कार्य न होने के कारण जगह-जगह सीसी, इंटरलॉकिंग सड़कें धंस गई हैं। ऐसी स्थिति में जनता को आवागमन में परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन व नगर निगम में रोज शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। इधर जिला निर्वाचन अधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने नगर निगम से खुदी सड़कों का निर्माण कराने पर जोर दिया है।
सड़क निर्माण को लेकर नगर निगम व जलनिगम अफसरों के बीच आपसी सामंजस्य होने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में नगर आयुक्त विजय कुमार ने जलनिगम की दोनों डिवीजनों से सूची तलब की है, उनके द्वारा किन-किन क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने के बाद सड़कों का निर्माण कराया है। सूची मिलने के बाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर, एक्सईएन टीम के साथ उक्त सड़कों की गुणवत्ता परखेंगे। सड़कों का निर्माण कार्य मानक के अनुरूप न होने पर जलनिगम से पुन: सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
इस संबंध में नगर निगम के अधिशासी अभियंता विकास कुरील का कहना है कि जलनिगम प्रथम डिवीजन की सूची उपलब्ध हो गई है, परंतु अभी द्वितीय डिवीजन ने सूची उपलब्ध नहीं कराई है। जलनिगम से प्राप्त सूची के अनुसार सड़कों का निरीक्षण कर रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी।
खुदी सड़कें राहगीर, वाहन चालकों को बनी मुसीबत
जलनिगम पाइप लाइन डालने के बाद खुदी सड़कों के निर्माण में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। जिसका खामियाजा शहर की जनता व वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। एसएन सबस्टेशन से गोमती नगर तक मुख्य मार्ग महीनों से खुदा पड़ा है, जबकि इस मार्ग पर कई शिक्षण संस्थाएं हैं। हजारों छात्र-छात्राएं हर रोज ऊबड़-खाबड़ मार्ग से होकर स्कूल तक जाने को मजबूर हैं। सड़क निर्माण को शिक्षकों ने नगर निगम में धरना भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने आश्वासन देकर धरना तो समाप्त करा दिया। सड़क का निर्माण आजतक नहीं हुआ।
यहां हर रोज पलटते हैं वाहन, चूड़ी से भरे ठेले
सुहाग नगर चौराहे से हिमायूंपुर नाले की पुलिया तक महीनों से मुख्य मार्ग खुदा पड़ा है। यहां आए दिन चूड़ी से भरे ठेल, साइकिल, मोटर साइकिल पलट जाते हैं। सड़क निर्माण न होने पर क्षेत्र की जनता ने रोड नहीं तो वोट नहीं के बैनर भी क्षेत्र में लगा दिए हैं। यही हाल सुहाग नगर सब्जी मंडी का है, यहां भी पाइप लाइन डलने के बाद आजतक सड़क निर्माण नहीं हो सका।
सर्विस रोड पर आए दिन रहता है जाम
एसएन सबस्टेशन से फिरोजाबाद तक सर्विस रोड पिछले डेढ़ महीने से खुदा पड़ा है, जिसके चलते सर्विस रोड पर आए दिन जाम के हालात पैदा हो जाते हैं। नगला बरी से सैलई बंबा बाइपास तक जाने वाले मार्ग पर स्थिति बेहद खराब है। नगर निगम की सख्ती के चलते जलनिगम ने सड़क निर्माण तो शुरू कराया है, परंतु वहां कछुआ गति से कार्य चल रहा है।