फिरोजाबाद। जिले में पिछले 10 दिन में ब्रेन हेमरेज के 40 मामले सामने आए जिनमें 20 फीसदी संख्या युवाओं की है। इसके साथ ही ठंड में लकवा का खतरा भी बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जन विभाग नहीं हैं। ऐसे में ब्रेन हेमरेज के मरीज निजी अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
ट्राॅमा सेंटर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डाॅ. निमित गुप्ता ने बताया कि सर्दियों में अधिक रक्तचाप वाले मरीजों को लकवे का खतरा ज्यादा होता है। ठंड के कारण खून गाढ़ा हो जाता है जिससे हृदयाघात और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। रक्तचाप अचानक बढ़ने से दिमाग की नस फट जाती है जो लकवे का आशंका को बढ़ाती है। इसके अलावा बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान और शराब भी हानिकारक है।बताया कि यह बीमारी पहले बुजुर्गाें में थी, अब बीते चार से पांच सालों में युवा भी ज्यादा शिकार हो रहे हैं। प्रतिदिन चार से पांच मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। पिछले 10 दिनों में 40 मरीज भर्ती हुए है।
बचाव के तरीके
लकवा का जोखिम कम करने के बिस्तर छोड़ने से पहले आधा घंटा तक वहीं बैठे रहें। इसके बाद अपने पैर एक मिनट तक लटकाए रखें। लकवे के खतरे को कम करने के लिए नहाते समय पहले अपने पैरों पर पानी डालना चाहिए। इसके बाद शरीर के अन्य हिस्सों पर पानी डालें। सीधा सिर पर पानी डालने से भी लकवा का खतरा बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए नियमित व्यायाम करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखकर मोटापे से बचें।