मुरादाबाद में मतदान से चंद घंटे पहले शहर की फिजां बिगाड़ने की साजिश की गई। कुछ लोगों ने आपत्तिजनक पर्चे बंटवाए और मोबाइल पर मैसेज भेजे। चक्कर की मिलक में बसपा और सपा नेताओं व उनके समर्थकों के बीच जमकर संघर्ष हुआ।
सपा प्रत्याशी के नाम से पर्चे और फोटो बंटवाकर दुष्प्रचार की कोशिश की गई। इसके बाद दोनों पक्षों से पथराव और फायरिंग हुई। पुलिस ने बसपा के विधानसभा प्रभारी हाजी कामिल समेत चार को गिरफ्तार कर लिया।
आचार संहिता के बावजूद बुधवार रात करीब 10 बजे से डोर टू डोर प्रचार चल रहा था।
बसपा नेता समेत तीस लोगों पर मुकदमा
रात दो बजे चक्कर की मिलक में छह सात गाड़ियों से बसपा के समर्थक गुजरे और उन्होंने ज्यारत के पास घरों पर कुछ पर्चे फेंके। लोगों की नजर पड़ी तो उस पर सपा प्रत्याशी का नाम लिखा था। पर्चों पर लिखी अपील पढ़ते ही लोग भड़क उठे।उन्होंने वाहनों को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान गाड़ी में बैठे कुछ युवकों ने हवाई फायरिंग की। तब माहौल गरमा गया। दूसरे पक्ष ने जबरदस्त पथराव किया। बसपा नेता हाजी कामिल की इनोवा के शीशे तोड़ दिए। जिस गाड़ी में पर्चे रखे थे, उसे पकड़ने की कोशिश में दो तीन लोग चोटिल हो गए। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों में झड़प और मारपीट हुई।
सूचना पर पुलिस पहुंची और हरथला निवासी बसपा नेता हाजी कामिल, तहसील स्कूल निवासी शोएब, इंडेवर कार चालक वकील निवासी लिसाड़ी गेट मेरठ और विलाल को गिरफ्तार कर लिया। पांच गाड़ियां भी मौके से पकड़ी गईं। सपा समर्थक सलीम पुत्र वहीद ने चारों के साथ करीब 12 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, आचार संहिता का उल्लंघन आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। दोपहर बाद चारों को जेल भेजा गया।
एसएसपी आशुतोष कुमार ने इस बारे में बताया कि पर्चे और पंप्लेट्स के साथ कई आपत्तिजनक फोटो भी प्रकाशित कराकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी। बसपा नेता हाजी कामिल, उनके तीन सहयोगी समेत करीब तीस लोगों के खिलाफ मुकदमा किया गया है। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।