नौगांवा सादात नगर पंचायत कर्मचारी मोहम्मद निहाल के बेटे मोहम्मद फाजिल की उसके दोस्त मुस्लिम अब्बास ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर अब्बास जिला अस्पताल में भर्ती हो गया था। यहां उसने मफलर के फंदे पर लटक कर जान दे दी।
मोहम्मद फाजिल हत्याकांड के नामजद आरोपी मुस्लिम अब्बास की आत्महत्या के बाद नौगांवा सादात कस्बे में रहने वाले लोगों के सुर बदल गए हैं। उनका मानना है कि मुस्लिम अब्बास ने मोहम्मद फाजिल की हत्या नहीं की। अगर वह हत्या करता तो अपनी जान क्यों देता। मुस्लिम अब्बास ने समाज में बदनामी और अपने दोस्त फाजिल की हत्या के कलंक से बचने के लिए आत्महत्या की है।
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उधर मुस्लिम अब्बास की मौत के बाद फाजिल हत्याकांड में पुलिस भी उलझ गई है। पुलिस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। क्योंकि फाजिल की हत्या और नामजद आरोपी द्वारा आत्महत्या के बाद लोगों में आक्रोश पैदा होने का डर बना हुआ है। कस्बा के लोग दबी जुबान से गलत कामों में संलिप्त लोगों पर फाजिल की हत्या करने का शक जता रहे हैं।
बता दें कि बीते सोमवार की रात नौगांवा सादात नगर पंचायत कर्मचारी मोहम्मद निहाल के बेटे मोहम्मद फाजिल की उसके दोस्त मुस्लिम अब्बास ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर मुस्लिम अब्बास खुद और फाजिल पर कुछ लोगों के हमले की झूठी कहानी बताते हुए मेरठ अस्पताल में भर्ती हो गया था।
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अगले दिन फाजिल का शव बसतापुर कलां नगर रोड स्थित गोशाला के पास झाड़ियों में पड़ा मिला था। उसके सीने और सिर में गोली लगी थी। मृतक के पिता का रुपये के लेनदेन के विवाद में फाजिल की हत्या का आरोप लगाया था। बृहस्पतिवार को नामजद आरोपी मुस्लिम अब्बास को उसके बहनोई अफजल व परिजन मेरठ से अमरोहा लेकर आए।
शाम के समय मुस्लिम अब्बास को दस्त-उल्टी की दिक्कत हुई तो परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया। यहां उसने आधी रात के बाद प्राइवेट वार्ड में के शौचालय में जाकर रोशनदान के सहारे अपने मफलर के फंदे पर लटक कर जान दे दी। शुक्रवार की तड़के दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में पुलिस की मौजूदगी में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।