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Fatehpur News: अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों को सिम सप्लाई करने वाला युवक मुरादाबाद से गिरफ्तार

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फोटो-47-साइबर क्राइम थाने में पकड़ा गया आरोपी। स्रोत पुलिस
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फतेहपुर। सेवानिवृत्त रेलकर्मी मोतीलाल से 41.10 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों को सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले युवक को साइबर पुलिस ने मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 107 सिमकार्ड और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गुल्ला का पुरवा निवासी मोतीलाल को चार से 17 नवंबर के बीच मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर साइबर अपराधियों ने विभिन्न बैंक खातों में 41 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए थे। मामले में 24 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान 30 नवंबर को साइबर पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक क्षेत्र से दिल्ली के कीर्तिनगर थाना क्षेत्र के मानसरोवर गार्डन निवासी सार्थक ग्रोवर गाजियाबाद के खोड़ा निवासी राहुल शर्मा और संतोष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया था। संतोष मूल रूप से इटावा जिले के बकेवर का निवासी है और फरार चल रहा है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सार्थक ग्रोवर का नेटवर्क दुबई तक फैला है। घटना में इस्तेमाल सिमकार्ड की कड़ी जोड़ते हुए साइबर पुलिस ने मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र के बलदेवपुरी चौराहा, पीतल नगरी कमला विहार कॉलोनी निवासी राहुल कुमार को गिरफ्तार किया।
आरोपी राहुल कुमार साइबर अपराधियों को कुरियर के जरिये सिमकार्ड सप्लाई करता था और प्रत्येक सिम दो से पांच हजार रुपये में बेचता था। वह सुनील ग्रोवर के संपर्क में था और लंबे समय से इस नेटवर्क के लिए काम कर रहा था।

मियां काॅलोनी के लोगों के नाम पर सिमकार्ड
आरोपी राहुल की पहले मुरादाबाद के मियां काॅलोनी में मोबाइल और सिमकार्ड की दुकान थी। अब वह मियां काॅलोनी में घूमकर सिमकार्ड बेचता था। सिमकार्ड के लिए मियां काॅलोनी में रहने वाले लोगों का इस्तेमाल करता था। उसने मोबाइल सिमकार्ड जनरेट करने की दो आईडी रखीं थीं। सिमकार्ड पोर्ट कराने वालों की आईडी का इस्तेमाल कर एक सिमकार्ड पोर्ट करता था। उसकी आईडी पर अपनी दूसरी आईडी से नया सिमकार्ड जनरेट कर लेता था। वह निरक्षर ग्राहकों को शिकार बनाता था। साइबर पुलिस को शक है कि उसकी आईडी से जनरेट सिमकार्डों का विभिन्न प्रदेशों में इस्तेमाल में हो रहा है। पुलिस उसकी आईडी से जनरेट सिमकार्ड का एक साल का डाटा निकलवाने में जुटी है। इससे कई साइबर गिरोह पकड़े जा सकते हैं।

फोटो-47-साइबर क्राइम थाने में पकड़ा गया आरोपी। स्रोत पुलिस

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