परिवार संग ननिहाल घूमने आए शिवम सिंह (16) की यमुना नदी में डूबकर मौत हो गई। उसे बचाने के प्रयास में सगा और मौसेरा भाई भी डूब गया। इन्हें बचा लिया गया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
खागा कोतवाली के चौड़ाखेर निवासी रामभवन सिंह महाराष्ट्र के नागपुर वानी में कई साल से रहते हैं। यह अपने पूरे परिवार के साथ खागा कोतवाली के उकाथू गांव आए थे। बुधवार को ससुराल किशनपुर में नर्बदा सिंह के घर परिवार संग मिलने गए थे। इसके बाद परिवार के साथ स्कार्पियो से यमुना नहाने पहुंचे। इनके साथ पत्नी अनीता, बड़ा बेटा शुभम, छोटा बेटा शिवम (16) साली सुनीता व उसका छोेटा बेटा मुन्नू और लल्ला बाबू पुत्र विजय कुमार निवासी खागा भी आए थे।
इलाकाई लोगों को पीपे के पुल से छलांग लगाते देख शिवम ने भी नदी में छलांग लगा दी। कुछ मिनट तक वह बाहर न आया तो भाई, पिता और मौसेरा भाई भी कूद गए। इसी दौरान शुभम और मुन्नू डूबने लगे। गोताखोरों ने इन्हें बचाने की कोशिश की। इन लोगों ने शुभम और मुन्नू को बाहर निकाल लिया। शिवम का कोई पता नहीं लगा। करीब बीस मिनट बाद शिवम को उतराते देखकर बाहर निकाला गया।
परिजन उसे लेकर नर्सिंग होम पहुंचे। हालत नाजुक देखकर डाक्टरों ने हरदों सीएचसी रेफर किया। सीएचसी में डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से मां अनीता और परिजनों का रो-रो कर बेहाल हो गए। एसओ राजीव सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई से मना किया है। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
शिवम ने खिंचवाई थी यमुना किनारे फोटो
यमुना किनारे के दृश्य के साथ मोबाइल कैमरे से शिवम ने अंतिम बार फोटो खिंचवाई थी। उसने अपने भाई से फोटो खींचने के लिए कहा था। परिजनों ने बताया कि शिवम बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था।