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आखिर क्यों मिटाए गए साक्ष्य?

Wed, 30 Nov 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
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लोगों से जानकारी हासिल कर घटना की जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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 बीएड छात्रा की मौत के मामले में पुलिस के पहुंचने से पहले ही सारे साक्ष्य मिटा दिए गए। घटनास्थल को देख एकबारगी पुलिस भी भौंचक रह गई। उसे कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। सभी से पूछताछ में अलग-अलग बयान सामने आए।
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घटना के बाद घर में ताला लगाकर परिजन अस्पताल की ओर चले गए थे। वहीं जो बचे थे, वे हट गए थे। छात्रा के गोली मार लेने की सूचना पर पुलिस पहुंची तो उसे घर पर ताला लटका मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि पूर्व फौजी की बेटी ने गोली मार ली थी, हालांकि आवाज ज्यादा तेजी से नहीं आई थी। दोपहर को जब शव के साथ परिजन लौटे तब पुलिस छानबीन करने दुबारा पहुंची। परिजनों ने पुलिस को घटनास्थल बाथरूम और उसके बाहर का हिस्सा होना बताया। टीम ने अनुमान लगाया गया कि बाथरूम के अंदर पूजा ने गोली मारी होगी। इसके बाद बाहर आकर गिर पड़ी। हालांकि पुलिस को बाथरूम के आसपास खून के छींटे तक नहीं मिले।

कोतवाल महेश पांडेय ने बताया कि इस तरह की घटना के बाद लोग घायल को लेकर भागते हैं। गोली लगने के बाद तेजी से खून शरीर के बाहर निकलता है लेकिन यहां सब कुछ साफ सुथरा मिला है। फारेंसिक जांच कराई गई है। खून के निशान मिटाए गए होंगे तो भी सच सामने आ जाएगा। कुछ लोग गोली मारने की बात कमरे में कह रहे थे। मामले में दो एफआईआर दर्ज की जाएगी। लाइसेंसी असलहे को सुरक्षित न रखने की लापरवाही और दूसरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के  बाद दर्ज होगा। लाइसेंसी पिस्टल मिलने पर उसे बैलेस्टिक जांच के लिए भी भेजा जाएगा। पुलिस का तर्क है कि युवती को दाहिनी कनपटी में गोली लगी है। खुदकुशी और वजह आधारित अन्य बिंदु पर भी जांच की जा सकती है।
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