मुल्जिम को जेल लेकर जाती पुलिस।
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जमीन के विवाद में भांजे की हत्या करने के आरोपी मामा को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
घटना सात अक्तूबर 2013 की है। असोथर थाना क्षेत्र के बेर्रांव गांव में नरेश सिंह अपनी पत्नी प्रेमा सिंह व बच्चों के साथ रहते थे। अधिवक्ता के मुताबिक प्रेमा सिंह की दादी श्यामा देवी ने प्रेमा सिंह के नाम साढ़े 12 बीघे जमीन बैनामा कर दिया था। इससे प्रेमा सिंह का भाई विनोद सिंह चौहान पुत्र रामबली सिंह निवासी बेर्रांव अपनी बहन प्रेमा सिंह से खुन्नस मानने लगा। सात अक्तूबर को प्रेमा सिंह अपने बेटे समरजीत के साथ सब्जी लेने जागेश्वर तिराहा गई थी। गाजीपुर- असोथर रोड पर जागेश्वर बाबा तिराहा में राजू चाय की दुकान के सामने समरजीत अपनी मां के साथ पहुंचा। तभी पहले से घात लगाए बैठे उसके मामा विनोद सिंह ने भांजे समरजीत को गोली मारकर हत्या कर दी थी।
घटना के बाद समरजीत की मां प्रेमा ने अपने भाई विनोद के खिलाफ असोथर थाने के हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर आठ नित्यानंद श्रीनेत ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता राम सिंह यादव और धर्मेंद्र उत्तम ने अभियुक्त के खिलाफ दलीलें और सबूत पेश किए। अदालत ने मुल्जिम को दोषी पाए जाने पर यह सजा सुनाई है।