किशनपुर। यमुना का जलस्तर बढ़ने से शनिवार सुबह लाखों मछलियां लहरों के साथ घाट पर आ गईं। छोटी-छोटी मछलियों को घाट किनारे तैरता देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग मछलियों को हाथ से ही पकड़कर बाल्टी-डलियों में भरकर घर ले गए।
किशनपुर, एकडला, मड़ौली, नरौली, असहट, सेंधरी, गुरवल गांव यमुना किनारे स्थित है। किशनपुर घाट पर शनिवार सुबह छोटी-छोटी मछलियों का झुंड किनारे पर तैर रहा था। लोगों के किनारे पहुंचने पर भी मछलियां गहराई की ओर नहीं गईं। यह देख ग्रामीणों ने बाल्टी, डलिया ले आए और मछलियां हाथ से पकड़ने लगे।
जानकारी होने पर सभी घाटों पर लोग मछलियां पकड़ने पहुंच गए। बड़ी संख्या में मछलियां मर भी गईं थीं। ग्रामीणों ने बताया कि हर लहर के साथ मछलियां आ रही हैं। मछलियां अर्धबेहोशी की हालत में हैं, इसलिए वापस नहीं जा पाती हैं। कौतूहल के चलते घाट किनारे लोगों की भीड़ पहुंची।
बरसात में कचरा निस्तारण करते हैं फैक्ट्री संचालक
गंगा और यमुना व अन्य नदियों के करीब स्थित फैक्ट्रियों के संचालक बरसात में कचरा निस्तारण करते हैं। बाढ़ आते ही बड़े पैमाने पर कचरा नदी में छोड़ दिया जाता है। बहाव तेज होने के कारण कचरा कुछ ही देर में बह जाता है। फैक्ट्रियों का यह केमिकल नदी में आक्सीजन लेवल को कम करता है।