किशनपुर। यमुना पर बने पीपा पुल के स्लोप पर ग्रामीण पहले किसी सर्कस वाले की तरह बैलेंस बनाकर निकलते थे लेकिन अब कपड़े उतारकर कमर तक पानी में डूबकर घर पहुंचते है।
भीषण ठंड में यह कष्ट किशनपुर और दांदों घाट की ओर से आने वाले ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। लोग यह परेशानी इसलिए झेल रहे हैं क्योंकि यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद से पीपा पुल बंद हो गया है।
लोक निर्माण विभाग भी जरूरी सामान की कमी के कारण खामोश है। यमुना का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग एक-दो पीपे का इंतजाम कर पुल की लंबाई बढ़ा सकता था।
मगर ऐसा अभी तक नहीं हो सका है। लोक निर्माण विभाग यमुना का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहा है। फिलहाल पीपा पुल से पैदल और साइकिल लेकर निकलने वालों का इस ठंड में बुरा हाल है।
किशनपुर के सिकेबा रहमान का कहना है कि बोर्ड परीक्षाएं आ रही है। पुल नहीं शुरू होने के कारण दोनों तरफ के छात्र व छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। ठंड के कारण बच्चे नाव से नहीं आते हैं।
पीडब्ल्यूडी को चाहिए कि वह कुछ पीपों का इंतजाम करके पुल की लंबाई बढ़ा दें। जिससे पुल यमुना नदी के फैलाव को ढक सके। मगर, ऐसा नहीं हो पा रहा है। पैदल निकलना बेहद ही जोखिम भरा है।
कस्बे के आकाश शुक्ला ने कहा कि लोग लोहे के एंगलों पर चलकर स्लोप पार कर रहे हैं। यह बेहद ही खतरनाक है। पैर फिसलते ही लोहे की मजबूत एंगल जानलेवा साबित हो सकते है। पानी में गिरने पर ही हादसा हो सकता है।
कस्बे के अजय यादव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग सामान की कमी का कारण बता रहा है। यह विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है। ठंड के समय लोग कमर तक पानी से होकर निकल कर किशनपुर बाजार पहुंच रहे हैं।
यमुना के जलस्तर में वृद्धि से यह समस्या आई है और वह भी पुल बनने के बाद। मौजूदा समय में विभाग के पास पीपा और अन्य जरूरी सामान नहीं है। अधिकांश सामान माघ मेले के लिए जा चुका है। कोई विकल्प नहीं होने के कारण जलस्तर घटने का इंतजार है। रविवार को चार इंच जलस्तर कम हुआ है। - उमेश चंद्र विश्वकर्मा, जेई लोक निर्माण विभाग
पीपा पुल के स्लोप में लगे लोहे के एंगल के सहारे निकलता वृद्ध- फोटो : FATEHPUR