जेल का निरीक्षण करते डीएम, एसपी
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जिला जज, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जेल में अधिकारियों ने वीडियो क्रांफ्रेसिंग को हरी झंडी दे दी। यहां जेल में पूरा सेटअप लगकर तैयार हो चुका है। प्रदेश की कोई भी कोर्ट सीधे जेल प्रशासन और बंदियों से संपर्क कर सकती है। इससे पुलिस प्रशासन को बंदियों को रिमांड डेट पर ले जाने के झंझट से छुटकारे का फायदा मिलेगा।
जिला जज जय कृष्ण तिवारी, डीएम सेल्वा कुमारी जे., एसपी उमेश कुमार सिंह, सीओ सिटी समरबहादुर समेत शहर का पुलिस फोर्स अचानक जेल निरीक्षण में पहुंचा। बैरिकों, जेल हास्पिटल, कैंटीन की तलाशी ली। अधिकारियों से बंदियों ने चार्जशीट और ट्रायल न होने की समस्याएं बताईं। तलाशी में सब कुछ ठीक मिला। जिला जज ने वीडियो क्रांफेंसिंग की समीक्षा की। उन्होंने जेल अधीक्षक आरके सिंह को कांफ्रेसिंग सेवा चालू करने के निर्देश दिए।
जेल अधीक्षक ने बताया कि वीडियो कांफ्रेसिंग तकनीक से प्रदेश की कोई भी कोर्ट जेल से सीधा संपर्क कर सकती है। निरुद्ध बंदियों को रिमांड पर कोर्ट नहीं ले जाना पड़ेगा। कोर्ट के सामने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बंदियों को पेश किया जाएगा। कई बार बंदी रिमांड में आते जाते ही भागने की योजना बनाते हैं। इससे भी प्रशासन को राहत मिलेगी।