शहर कोतवाली में धूल की पर्त चढ़े वाहन।
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मुख्यमंत्री के स्वच्छता अभियान का असर कोतवाली और थानों में प्रभारी के दफ्तर व कर्मचारियों के कार्यालय तक ही सीमित है। कोतवाली में गेट से घुसते ही कैंपस में धूल गर्द की पर्तों में लिपटे वाहन से सामना होता है। पुलिस भले ही माल मुकदमे में फंसे होने की वजह से वाहनों की तवज्जो नहीं देती है। पर, यह कबाड़ सा दिखने वाला इंतजाम स्वच्छता मिशन को झटका दे रहा है।
सीएम के आदेश पर शुक्रवार को एसपी समेत सारे पुलिस अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान चलाया था। शहर कोतवाली में 70 बाइकें, 14 चार पहिया काफी दिनों से खड़े हैं। कोतवाली परिसर में घुसते ही वाहन दिखे। लगा चढ़ी धूल सालों से नहीं हटाई गई। इन वाहनों की गंदगी को कोतवाली से अलग नहीं माना जा सकता है। यही हाल खागा, बिंदकी कोतवाली, थानों में असोथर, गाजीपुर, ललौली, मलवां, हुसैनगंज, थरियांव, कल्यानपुर, औंग, चांदपुर, जाफरगंज, बकेवर, जहानाबाद, खखरेरू, किशनपुर, धाता, हथगाम, सुल्तानपुर घोष का भी है।
कार्यवाहक कोतवाल मोहम्मद परवेज ने बताया कि परिसर में खड़े 90 फीसदी वाहनों के मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन वाहनों से किसी तरह की छेड़खानी नहीं की जा सकती है। कोर्ट ही वाहनों के नियमावली में बदलाव लाए तो इकट्ठा होने वाले वाहन हट सकेंगे। साफ-सफाई दफ्तर, कार्यालय व आने-जाने रास्ते पर ही की जा सकती है।