बिंदकी। तहसील भवन निर्माण के लिए बिना अनुमति के काटे गए पेड़ों की लकड़ी का वन विभाग की टीम ने मूल्यांकन किया। कटी पड़ी लकड़ी की नापजोख की।
तहसील के नए भवन का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए पुराने भवन गिराने में अवरोध बने पेड़ों को कटवाने के लिए एसडीएम ने निर्देश दिए थे। राजस्व कर्मचारियों ने बिना वन विभाग की अनुमति के पेड़ कटवाकर लकड़ी की बिक्री कर दी। मामला नायब तहसीलदार घनेंद्र सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने नाजिर को जमकर फटकार लगाई। बिकने के लिए ट्रैक्टर ट्राली में लदी लकड़ी तहसील में खड़ी कर दी और वन विभाग को लकड़ी की कीमत का मूल्यांकन करने के लिए लिखा। रविवार को टीम ने दो आम, एक नीम और एक पीपल के पेड़ की कीमत का मूल्यांकन किया।
मूल्यांकन के बाद अब वन विभाग की टीम रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को सौंपेगी। इसके बाद पेड़ों की नीलामी की जाएगी। वन विभाग के रेंजर आरएस सिंह ने बताया कि पेड़ों का मूल्यांकन कर लिया गया है। नायब तहसीलदार घनेंद्र सिंह ने बताया कि वन विभाग की रिपोर्ट मिलते ही जल्द नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।