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Fatehpur News: डीएफसी अप लाइन पर टकराईं दो मालगाड़ी, 14 घंटे बाधित रहा ट्रैक

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खागा (फतेहपुर)। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) रेलवे अप लाइन पर मंगलवार सुबह 4:11 बजे खड़ी मालगाड़ी के पीछे से दूसरी मालगाड़ी टकरा गई। खड़ी मालगाड़ी का गार्ड डिब्बा व दूसरी गाड़ी का इंजन ट्रेन से अलग होकर खंदक में जा गिरे। गार्ड ने हादसा से कुछ सेकंड पहले ही कूदकर अपनी जान बचाई। दूसरी मालगाड़ी के चालक व सहयोगी को मामूली चोट आई है। सूचना पर रेलवे के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया मानवीय चूक से हादसा होना माना जा रहा है। हादसे से करीब 14 घंटे तक रेलवे ट्रैक बाधित रहा।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के पाम्भीपुर गांव के सामने डीएफसी अप रेलवे लाइन पर कोयला लादकर एक मालगाड़ी खड़ी हुई थी। यह मालगाड़ी प्रयागराज से कानपुर की ओर जा रहा थी। इसी ट्रैक पर पीछे से प्रयागराज की ओर से आ रही दूसरी मालगाड़ी पहले से खड़ी मालगाड़ी के गार्ड डिब्बे से टकरा गई। हालांकि, चंद सेकंड पहले खड़ी मालगाड़ी के गार्ड सोनू वर्मा ने कूदकर अपनी जान बचा ली। टक्कर से पीछे की मालगाड़ी के लोको पायलट शिवशंकर यादव व उनके सहयोगी अनुज राय मामूली रूप से घायल हो गए।
टक्कर की आवाज सुनकर गांव के लोग रेलवे लाइन के किनारे पहुंचे। रेलवे के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। अधिकारी नुकसान का आंकलन लगा रहे हैं। घायल लोको पायलट व उनके सहयोगी को हरदो सीएचसी में उपचार कराकर डिस्चार्ज कर दिया गया। हादसे के कारण अप लाइन पर तीन जोड़ी अन्य मालगाड़ियां भी रुकी रहीं। रेलवे लाइन को ठीक करने के लिए जेसीबी, हाइड्रा, क्रेन मंगाकर इंजन व गार्ड डिब्बे को हटाया गया। इसके बाद मरम्मत काम शुरू किया गया। शाम तक डीएफसी रेलवे लाइन बाधित रही। सूचना पर एडीएम व एएसपी, इंस्पेक्टर खागा व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
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इनसेट-
ऐसी आवाज आई, मानो आसमान फटा
हादसे के बाद मौके पर जमा ग्रामीणों में पाम्भीपुर निवासी रामसेवक ने बताया कि सुबह चार बजे हादसा हुआ तो ऐसी आवाज आई, मानो आसमान फट गया हो। गांव के लोग अपने घरों से बाहर आ गए। एक दूसरे से इस आवाज के बारे में पूछने लगे। कुछ देर बाद पता चला कि यह मालगाड़ी हादसे की आवाज थी।

इनसेट-
चारों ओर बिखर गए लोहे के टुकड़े
रेलवे अधिकारियों के अनुसार टकराने के दौरान मालगाड़ी की रफ्तार कम हो चुकी थी। इसके बावजूद टक्कर लगने से इंजन व गार्ड डिब्बा पटरी से उतरकर खंदक में चले गए। दूसरा इंजन भी पटरी से उतर गया। इंजन के पहिये व लोहे के अन्य उपकरण टूटकर दूर तक बिखर गए। गाड़ी में लदा कोयला भी बिखर गया। हादसे में बिजली के पोल भी टूट गए और आपूर्ति बाधित हो गई। ऐसे में डीजल इंजन बुलाकर मालगाड़ी को थोड़ी दूर आगे बढ़ाकर खड़ा किया गया।
-ये हो सकते हैं कारण-
- झपकी लगने के कारण लोको पायलट को सिग्नल देखने में चूक।
- इस ट्रैक पर दो से ढाई किमी पर ऑटोमेटिक सिग्नल लगे हैं। ट्रेन के 120 मीटर आगे जाने के बाद दूसरी ट्रेन के लिए सिग्नल हरा होता है। इसमें तकनीकी खामी की आशंका।

बयान
प्रथम दृष्टया मानवीय चूक से हादसे की आशंका है। पहले से खड़ी मालगाड़ी में पीछे से दूसरी मालगाड़ी की टक्कर हुई है। इससे डीएफसी रेलवे लाइन बाधित हुई है। विस्तृत जांच के बाद ही असली कारण का पता चलेगा कि आखिर गलती कहां से हुई है।
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- जीएस लाखड़ा, जीआरएम, एनसीआर
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