फतेहपुर। भाजपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह के विरोधी संजय सिंह के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक एफआईआर जिपं अध्यक्ष की ओर से 10 लाख की रंगदारी मांगने की कराई गई हैं। दूसरी अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने एससी-एसटी एक्ट व लूट का आरोप लगाया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष अभय सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं। वह किसी काम से 24 मार्च को आवास विकास की ओर जा रहे थे। रास्ते में संजय सिंह सेंगर ने अमर्यादित पोस्ट न डालने के एवज में 10 लाख की रंगदारी मांगी। परिवार को जान से मारने की धमकी देकर अपशब्द बोले।
उधर, खागा कोतवाली क्षेत्र के कल्लनपुर निवासी राममनोहर ने बताया कि वह भाजपा का सदस्य और अनुसूचित जाति का नेता है। संजय सिंह सेंगर ने अपनी फेसबुक आईडी पर हिंदू संगठन के प्रांत प्रचारक श्रीराम के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट की है। उनकी 20 मार्च की दोपहर आवास विकास मैदान में संजय सिंह सेंगर से मुलाकात हुई। उसने फेसबुक से पोस्ट हटाने के लिए कहा। संजय सिंह सेंगर ने नाराज होकर जातिसूचक शब्द बोले। पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। अंगूठी व जेब से सात हजार रुपये छीन लिए। पिस्टल की बट से पीटकर गोली मारने की धमकी दी। राममनोहर ने 25 मार्च को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी सुशील दुबे ने बताया कि तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई जाएगी।
ठेकेदारी के विवाद में बढ़ी रार
संजय सिंह सेंगर जिला पंचायत के कामों की दो दशक से ठेकेदारी करता है। अभय सिंह की पत्नी निवेदिता सिंह 2015-16 के चुनाव में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष बनी। उनके कार्यकाल में संजय सिंह को ठेकेदारी का काम मिलता रहा। इस दौरान अभय सिंह का करीबी रहा। बताया जा रहा है कि 2021 पंचायत चुनाव में भी अभय सिंह का संजय सिंह ने साथ निभाया। इस बार उसे पंचायती काम मिलने बंद हो गए। इसी बात पर विवाद बढ़ता चला गया।
कोर्ट में संजय की गवाही की चर्चा
करीब दो साल पहले संजय सिंह ने अभय सिंह के शिक्षा व्यापार को लेकर कई शिकायतें शासन तक की। सूचना के अधिकार से कई अहम जानकारियां जुटाईं। उन्हें फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। वायरल पोस्ट के मुताबिक अभय सिंह ने अपने कॉलेजों की मान्यता अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र के जरिए प्राप्त की। पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हिंदू धर्म के प्रमाण पत्र लगाए। इसी मुद्दे को लेकर संजय सिंह ने कोर्ट की शरण ली है। मामले की 29 मार्च को सुनवाई होनी है। चर्चा है कि संजय पर दबाव बनाने के लिए यह मामले दर्ज कराए गए हों। फिलहाल वह मोबाइल बंद कर भूमिगत है।