फतेहपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश अजय कुमार सिंह प्रथम ने सोमवार को टेंपो चालक और मालिक को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को सात-सात वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषियों में किशनपुर थाना क्षेत्र के खैरी रावतपुर गांव निवासी टेंपो चालक मोहम्मद इरशाद और ब्यौटी गांव निवासी टेंपो मालिक रामबाबू पाल शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार तीन अगस्त 2020 को रक्षाबंधन के दिन किशनपुर थाना क्षेत्र में निहालपुर गांव से खागा जाने वाली सड़क पर टेंपो पलट गया था। हादसे के बाद टेंपो के नीचे एक युवक का शव दबा मिला था जिसे मिट्टी डालकर ढक दिया गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्च्युरी में रखवाया।
बाद में परिजन ने शव की पहचान निहालपुर गांव निवासी विवेक के पिता रोशन सिंह के रूप में की। शव मिट्टी में दबा मिलने पर पुलिस को आशंका हुई कि हादसे के बाद चालक और टेंपो मालिक ने उसे छिपाने की कोशिश की थी। पुलिस ने सात अगस्त 2020 को दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।