बिंदकी। फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेजों के सहारे ट्रकों में माल लादकर बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से नकदी, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त ट्रक बरामद किया गया है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया है।
बिंदकी कोतवाली के निर्मल शंकर गुप्ता ने 31 मार्च को धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को उनके गोदाम से करीब 300 क्विंटल 65 किलो चावल ट्रक में लोड कर पटना भेजा गया था जिसकी कीमत लगभग 8.14 लाख रुपये थी। तय समय पर माल नहीं पहुंचा और चालक व मालिक का मोबाइल भी बंद मिला।
जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के औरंगाबाद निवासी राजेंद्र कुमार तथा पटना निवासी इंद्रदेव कुमार उर्फ गणेश कुमार और रामानुज कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम आरोपियों को बिहार से पकड़कर लाई। आरोपियों के पास से 80,500 रुपये नकद, नौ आधार कार्ड, छह पैन कार्ड, दो आरसी, एक वाहन परमिट, तीन एटीएम कार्ड, छह मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड, चार चेकबुक, एक फास्टैग, दो पासबुक, एक बिल्टी, आठ पॉकेट डायरी और ट्रक बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आर्थिक संकट में फंसे ट्रकों की पहचान कर पहले झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराते थे। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेज तैयार कर ट्रांसपोर्ट के जरिये माल लोड कराते और उसे सस्ते दामों में बेच देते थे। फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए ट्रांसपोर्टरों से संपर्क किया जाता था।
कोतवाल प्रमोद कुमार राव ने बताया कि गिरोह के सरगना ओमेंद्र की तलाश में छापा मारा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
फोटो-38-पुलिस की गिरफ्त में पकड़े शातिर। स्रोत पुलिस