विजयीपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयीपुर में तीन साल से महिला डाक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में सर्दी-जुकाम व बुखार से पीड़ित महिलाएं तो इलाज करा लेती है, लेकिन अन्य बीमारियों से परेशान महिलाओं को मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है। विभाग द्वारा पत्राचार का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
विजयीपुर पीएचसी में तीन साल पहले डाक्टर श्वेता पांडेय की तैनाती थी। इनके स्थानांतरण के बाद अब तक पीएचसी में महिला डाक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। इसी क्रम में प्रसव कक्ष में केवल एक स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। जबकि यहां दो स्टाफ नर्स होनी चाहिए। महिला डाक्टर के नहीं होने के कारण महिलाओं को प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है।
बरैची गांव की शरीफुननिशा, रानीपुर बहेरा की रेखा देवी, अमनी की गुड़िया देवी, गोदौरा की राजपति, एकौरा की राजकली ने बताया कि सर्दी, बुखार, दर्द की दवा तो पीएचसी से मिल जाती है, लेकिन महिलाओं के लिए महिला डाक्टर होनी चाहिए। चिकित्सा प्रभारी वीके पांडेय ने बताया कि महिला चिकित्सक के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। महिला डाक्टर तैनात नहीं हो सकी है।