डीएम राजीव रौतेला ने कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में
हुई बैठक में नकल विहीन पारदर्शी तरीके से टीईटी परीक्षा संपन्न कराने के
निर्देश दिए। परीक्षार्थी को केंद्र के भीतर सिर्फ प्रवेश पत्र और काले
रंग का पेन ले जाने की अनुमति होगी। परीक्षा में गलत संसाधनों के उपयोग में
संलिप्तता पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
जिलेभर के कुल
9,165 अभ्यर्थियों में 5,643 अपर प्राइमरी स्तर तथा 3,522 प्राइमरी स्तर
के अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी
केंद्रों के लिए एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी हर केंद्र में अपने एक-एक
पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। परीक्षा में व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र
व्यवस्थापक की होगी। डीएम ने डीआईओएस, एडीआईओएस, बीएसए, डायट प्राचार्य के
नेतृत्व में चार सचल दल गठित किए हैं।
सभी परीक्षा केंद्रों को चार
सेक्टरों में बांटकर सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। सेक्टर
अधिकारी की जिम्मेदारी एसडीएम खागा बलराम सिंह, एसडीएम बिंदकी जेएन सचान,
खागा तहसीलदार न्यायिक जगदंबिका पाल तथा सदर तहसीलदार न्यायिक शिवप्रसाद
को सौंपी गई है।
डीएम ने कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी के पास अवैध
सामग्री मिलने पर कार्रवाई में कोताही न हो। प्रत्येक कक्ष में दो-दो
कक्षनिरीक्षक नियुक्त होंगे।
इनमें भी अगर कोई नकल कराने की कोशिश करता है,
तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में डीआईओएस नंदलाल यादव, डायट
प्राचार्य रविशंकर, बीएसए विनय कुमार, विनोद कुमार श्रीवास्तव के अलावा टेट
परीक्षा में पर्यवेक्षक पद पर मुस्तैद किए किए गए अधिकारी मौजूद रहे।