फतेहपुर। जिला न्यायाधीश अनमोल पाल ने करीब 10 साल पुराने एक मामले में झूठी गवाही देने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया। लोक अदालत के मौके पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश ने जुर्माना लगाकर इस मामले का निपटारा कराया। वहीं, लोक अदालत में कुल 65,120 मामलों का निस्तारण हुआ। इस दौरान 16 करोड़ 51 लाख 19 हजार 305 रुपये जुर्माना वसूला गया। इनमें 67 वैवाहिक मामले, 88 मोटर दुर्घटनाओं, 1,800 से अधिक आपराधिक वादों समेत सिविल, बिजली बिल और केसीसी बैंक लोन समेत कई तरह के मामले शामिल हैं।
केस-1
लोक अदालत में केसीसी लोन का एक 10 साल पुराना मामला निपटाया गया है। ललौली थाना क्षेत्र के कुन्नू का डेरा निवासी राजाराम (85) ने साल 2014 में बड़ौदा यूपी बैंक अजमतपुर शाखा से चार लाख रुपये का लोन लिया था। उसके दो बेटों और पत्नी की मौत हो चुकी है। वह बेबस है। इससे वह लंबे समय से लोन नहीं भर पा रहा था। परिवार और गांव के लोग उसके खेत हड़पकर पैसा जमा करने का दबाव बना रहे थे। मौके पर बैंक अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया था। उसकी परेशानी जानकर चार लाख रुपये के लोन को 1.25 लाख रुपये में समझौता करा दिया। उसका पूरा ब्याज माफ करते हुए मूलधन में भी रियायत दी गई है।
केस-2
लोक अदालत में बिजली बिलों के 31 मामलों को निपटाया गया। 1.56 लाख रुपये जुर्माना जमा कराया गया है। इसमें शहर की एक महिला गीता देवी के बिजली बिल बकाये का मामला भी शामिल है। उसके छह साल पहले तकरीबन 50 हजार रुपये के बिजली बकाये बिल पर तीन हजार रुपये जुर्माने के तौर पर जमा कराया गया है। वहीं, करीब 15 हजार रुपये जमा कराकर पूरा बिल माफ कर दिया गया।
केस-3
लोक अदालत में किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई मामले निपटाए गए। खागा थाना क्षेत्र निवासी महावीर सिंह ने पंजाब नेशनल बैंक की खागा शाखा से 2017 में चार लाख रुपये का लोन लिया था। लगातार कई फसलें खराब होने से नुकसान में चले गए और लोन जमा नहीं कर पा रहे थे। इस मामले में बैंक अधिकारियों ने गांव जाकर प्रधान और ग्रामीणों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। मामले में सत्यता पाए जाने पर बैंक लोन में छूट दी गई है। चार लाख रुपये के लोन को एक लाख रुपये में सेटल किया गया है।