जाफरगंज (फतेहपुर)। कौशाम्बी हादसे में जान गंवाने वाली दो महिलाओं के शव शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद देर रात करीब 10 बजे गांव पहुंचे। रविवार सुबह दोनों का यमुना किनारे अंतिम संस्कार किया गया। शव गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।
थाना क्षेत्र के कुरौली गांव निवासी राजन निषाद 27 मार्च को ढाई वर्षीय बेटे शुभम का मुंडन संस्कार कर लौट रहे थे। कौशाम्बी के डोरमा पेट्रोल पंप के पास श्रद्धालुओं से भरी लोडर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई थी। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें श्यामलाल की पत्नी सुंदी उर्फ सोनी और चुनकू की पत्नी मैकी भी शामिल थीं। दोनों रिश्ते में देवरानी-जेठानी थीं और शुभम का मुंडन संस्कार भी सुंदी के प्रपौत्र का ही था।
प्रयागराज पुलिस, पूर्व प्रधान रामचंद्र और ग्रामीण एंबुलेंस से दोनों शव गांव लेकर पहुंचे। रविवार को दोनों अर्थियां गांव से उठीं। सुंदी के शव को यमुना किनारे दफनाया गया। मैकी का अंतिम संस्कार उनके बेटे पृथ्वीपाल ने पिता चुनका के साथ गांव में किया। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुश वर्मा ने पहुंचकर परिजन को सांत्वना दी।
मयंक के अंतिम संस्कार को पिता के आने का इंतजार
हादसे में मैकी के प्रपौत्र मयंक की भी मौत हुई है। उसका पिता मुकेश गुजरात के सूरत से लौट रहा है। पिता के आने तक अंतिम संस्कार रोक दिया गया है। उसके पहुंचने के बाद ही मयंक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
फोटो-20-शिवदेवी को ढांढस बंधाते पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुश वर्मा। संवाद
फोटो-20-शिवदेवी को ढांढस बंधाते पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुश वर्मा। संवाद
फोटो-20-शिवदेवी को ढांढस बंधाते पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुश वर्मा। संवाद
फोटो-20-शिवदेवी को ढांढस बंधाते पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुश वर्मा। संवाद
फोटो-20-शिवदेवी को ढांढस बंधाते पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुश वर्मा। संवाद