मौसम खरीफ फसलों के अलावा हरी सब्जियां भी बर्बाद होने की स्थित में पहुंच गई हैं। रात में उमस भरी गर्मी और दिन में तेज धूप हो रही है, जिससे हरी सब्जी की फसलों पर कीटाणुओं और वायरल अटैक शुरू हो गया है। इससे टमाटर, बैंगन, मिर्च, लौकी, परवल और भिंडी समेत अन्य हरी सब्जियां प्रभावित हो रही हैं। अल्प वर्षा के कारण इन फसलों की बाढ़ भी रुक गई है। कीटाणुओं के प्रकोप से मुर्रा, फलछेदक, समरछेदक जैसे अनेक रोग लग रहे हैं, जिससे सब्जी उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
पारंपरिक खेती गेहूं और धान को घाटे का सौदा मानकर किसानों का हरी सब्जी में रुझान देखने को मिल रहा है। कमजोर बारिश, गर्मी और धूप की वजह से हरी सब्जी की फसलों में भी खतरा मंडराने लगा है। हंसवा विकास खंड क्षेत्र के किसान सुरेंद्र पटेल ने बताया कि सात बीघे मिर्च की फसल है, जिसमें मुर्रा नामक रोग लग गया है। मिर्च की फसल में रोग लगने की वजह से फूल व फल नहीं लग रहे हैं। दवा का भी छिड़काव किया जा रहा है लेकिन गर्मी और तेज धूप की वजह से असर नहीं हो रहा है। वहीं मलांव के ही किसान होरीलाल मौर्या ने बताया कि तीन बीघे बैंगन की खेती की है, जिसमें शुरू में तो कुछ सही पैदावार हुई।