फतेहपुर। भूजल प्रबंधन एवं जल संवाद के लिए केंद्रीय भूमि जल बोर्ड लखनऊ की टीम ने सूरजपुर ग्राम पंचायत में जल चौपाल लगाई। लोगों को पानी के उपयोग और जल संचय के लिए प्रेरित किया। भूजल स्तर को ऊपर लाने का तरीका बताया।
नमामि गंगे के लिए चयनित हथगाम ब्लाक के सूरजपुर ग्राम पंचायत में ग्राम जल सुरक्षा योजना के तहत जल संवाद का आयोजन हुआ। इसमें सारथी डेवलपमेंट फाउंडेशन वाटर भी शामिल हुआ। केंद्रीय टीम के वैज्ञानिक जयप्रकाश गौतम ने कहा कि जल ही जीवन है। गिरता हुआ जलस्तर चिंता का विषय है। इसको रिचार्ज करने के लिए बारिश के पानी का संचय करना होगा। फाउंडेशन के परियोजना समन्वयक दयाली प्रसाद ने कहा कि इस समय क्षमता से अधिक जल दोहन हो रहा है। इस वजह से भूजल का संकट बढ़ता जा रहा है। जरूरत के हिसाब से पानी का उपयोग करना होगा।
इस मौके पर वैज्ञानिक उदयभान सिंह, पंकज तिवारी, लालती देवी, प्रभा आर्य, मनीषा देवी, कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।
खागा। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना को धरातल में उतारने के लिए ग्राम पंचायतों में रुचि नहीं ली जा रही है। तहसील क्षेत्र की 262 ग्राम पंचायतों में से अभी तक केवल 38 ग्राम पंचायतों ने सहमति पत्र विभाग को दिए हैं।
तहसील सभागार में करीब 20 दिन पहले विजयीपुर, धाता, ऐरांया और हथगाम के ग्राम प्रधानों की एसडीएम विजय शंकर तिवारी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। उसमें प्रधान व पंचायत सचिवों को सहमति पत्र दिए गए थे। 15 दिन में इन सहमति पत्रों को भरा कर जमा कराने के निर्देश जारी किए गए थे। इस मिशन में सभी ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक, नलकूप का निर्माण और पाइप लाइन के माध्यम से हर घर में पानी पहुंचाना है।
जल निगम के जेई गुलाम गिलानी ने बताया कि धाता ब्लाक के 68 ग्राम पंचायतों में से 15, हथगाम के 74 ग्राम पंचायतों में से 12, विजयीपुर की 64 ग्राम पंचायतों में से चार और ऐरायां की 56 ग्राम पंचायतों में से सात ग्राम प्रधानों ने सहमति पत्र दिया है।