फतेहपुर। आंधी व बारिश ने ही बुधवार रात शहर की व्यवस्था को पटरी से उतार दिया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई इलाकों में बिजली के खंभे उखड़ गए। खंभों पर लगे ट्रांसफार्मर तक गिर गए। बिजली तार टूटने से कई घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे शहरवासियों को गर्मी और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।
शहर में बिजली विभाग की ओर से चल रहे रिवैंप व बिजनेस प्लानिंग योजनाओं की कलई एक झटके में खुल गई। आबूनगर उपकेंद्र, मुराइनटोला, बेरूईहार, राधानगर जैसे उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में खंभे गिरने और तार टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। आंधी के कारण हुई गड़बड़ी को कई घंटे बाद तक भी दुरुस्त नहीं किया जा सका।
शहर के आबूनगर उपकेंद्र की सेंट जोंस स्कूल के पास पेड़ की डाल टूटकर ग्यारह हजार की लाइन में गिरने से अस्ती फीडर सुबह चार बजे से 8.30 बजे तक बंद रहा। इसके साथ शांतिनगर के अंडर लाइन केबल में पानी भरने से गोपाल नगर फीडर की रात दो बजे से सुबह 11.30 बजे तक लाइन बाधित रही। जेई पंकज प्रकाश ने बताया कि सुबह अंडर लाइन से पानी को निकलवाकर सुबह 11.30 बजे आपूर्ति शुरू करा दी गई। इमलिहिया शीतला मंदिर के पास व हरिहरगंज आनंदपुरम के पास 11 केवीए का पोल गिरने से हरिहरगंज व बाकरगंज की आपूर्ति रात से सुबह तक बाधित रही। वहीं बेरूईहार से जुड़े पीरनपुर फीडर में तार में फाल्ट होने से भोर तीन बजे से सुबह छह बजे तक बिजली बाधित रही। जेई राकेश कुमार ने बताया कि आंधी व पानी रुकने के बाद फाल्ट को बनवाया गया। सिविल लाइन, बाकरगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को पूरी रात बिजली के बिना गुजारनी पड़ी। इसके साथ राधानगर टाउन फीडर से जुड़े मलाव और रसूलाबाद में तीन-तीन पोल गिरने से कई नलकूप व क्षेत्र में बिना बिजली के लोग परेशान हो गए। राधानगर जेई जितेंद्र ने बताया कि तेज हवा में गिरे पोलों को बनाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग ने पहले से कोई तैयारी नहीं की थी, जबकि हर साल इस मौसम में आंधी-तूफान आम बात है। सही रखरखाव और मजबूत संरचना की कमी के चलते मामूली आंधी भी आपूर्ति को ठप कर देती है।