संवाद न्यूज एजेंसी
किशनपुर। घर के बाहर सो रहे परिवार पर मंगलवार रात ईंट लदा ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में गृहस्वामी टेंपो चालक की मौत हो गई। उसकी पत्नी, बेटी और बेटा घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार सुबह ईंट बिछाकर जाम लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को बहाल कराया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली थाने में खड़ी करा ली।
कस्बा तकियापर मोहल्ला निवासी साबिर अली (55) टेंपो चालक था। परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। एक कोठरी में पूरा परिवार रहता है। मंगलवार रात गर्मी के कारण परिवार के सदस्य कोठरी के बाहर चारपाई डालकर सो रहे थे। करीब रात 12 बजे ईंटों से लदा ओवरलोड ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर दरवाजे पर पलट गया। हादसे में चारपाई पर सो रहे साबिर अली व पत्नी रशीदा, बेटी रिजवाना, बेटा आरिफ ईंट के ढेर में दब गए।
पुलिस ने जेसीबी से ट्रैक्टर ट्राली हटवाई। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने चारों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टर ने साबिर अली को मृत घोषित कर दिया। बाकी लोगों को भर्ती किया है। ग्रामीणों ने बुधवार सुबह खागा किशनपुर मार्ग पर ईंट का चट्टा रोड पर बिछाकर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में ओवरलोड ईंटें लदी थीं। अक्सर ओवरलोड ईंटें व मौरंग लदे वाहनों से हादसे होते हैं। प्रभारी निरीक्षक जेपी शाही मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर करीब आधे घंटे में यातायात बहाल कराया। प्रभारी निरीक्षक जेपी शाही ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। चालक को पकड़ा गया है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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मुखिया की मौत से परिवार पर भरण-पोषण का संकट
किशनपुर कस्बा हादसे में मृतक साबिर का परिवार कच्ची कोठरी में रहता है। परिवार में 12 सदस्य हैं। मृतक टेंपो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। साबिर की सात बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें बड़ी एक बेटी रोशनी शादीशुदा है। दो बेटे सोनू (15) और आरिफ (8) हैं। बेटियों में सपना (26), सोनम (24), नैना (20), रिजवाना (18), शहजादी (14), महजबी (12) नसरा (10) है। इसके अलावा साबिर की बुजुर्ग मां है। मुखिया की मौत से परिवार पर भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
ओवरलोड वाहनों का आवागमन बना हादसे की वजह
किशनपुर पक्के पुल से ओवरलोड वाहनों के आवागमन में पीडब्ल्यूडी ने प्रतिबंध लगा रखा है, इसके बाद भी रात को ईंट, मौरंग लादकर ट्रैक्टर ट्राली पुल पार करते हैं। कई बार पुल में ओवरलोड वाहन पलट चुके हैं। इसके बाद भी आवाजाही बंद नहीं होती हैं। मृतक साबिर के घर के सामने सड़क किनारे आरसीसी गिट्टी का डंप लगा है। ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने का यह भी कारण माना जा रहा है। ट्रैक्टर गिट्टी के ढेर से साबिर की घर की ओर ढाल की तरफ से निकालने लगा। इससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।