गेहूं खरीद केंद्रों में पसरा सन्नाटा।
बिंदकी। आढ़तों में ज्यादा भाव मिलने के कारण सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। हाल यह है कि अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी भी गेहूं की खरीद नहीं हो पाई है।
कुंवरपुर रोड स्थित नवीन मंडी समिति में गेहूं खरीद के लिए मार्केटिंग के तीन कांटे लगाए गए हैं। 17 मार्च से गेहूं की खरीद भी शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक तीनों सरकारी कांटों में मात्र 7350 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। तीनों कांटों का लक्ष्य 15 हजार क्विंटल तय है। इस हिसाब से लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 50 प्रतिशत खरीद भी नहीं हो पाई है।
सरकारी क्रय केंद्रों में किसानों के न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण खुले बाजार में गेहूं के भाव अधिक होना है। आढ़तों पर भाव ज्यादा होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों का रुख कम कर रहे हैं। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जबकि वर्तमान समय में आढ़ती 2450 से लेकर 2455 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं की खरीद हो रही है। 15 जून को सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद बंद हो जाएगी।
एसएमआई उस्मान अख्तर ने बताया कि किसानों को सरकारी खरीद केंद्र में बुलाने के लिए अधिक से अधिक लाभ देने के प्रयास किया जा रहा है। गांव -गांव जाकर किसानों से संपर्क करके सरकारी क्रय केंद्र में गेहूं की बिक्री करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।