कोर्ट से बाहर निकलते फूलपुर के पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया।
फतेहपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या प्रथम के न्यायाधीश मो. साजिद द्वितीय ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में आरोपी पूर्व सांसद (फूलपुर) कपिल मुनि करवरिया को बरी कर दिया है। ललौली थाने में वर्ष 1998 में दर्ज यह मामला मौरंग माफिया पर कार्रवाई के लिए प्रदेश स्तर तक सुर्खियों में रहा था।
तत्कालीन डीएम कल्पना अवस्थी के निर्देश पर एडीएम सर्वेश मिश्रा ने कपिल मुनि करवरिया समेत पांच लोगों के खिलाफ माइनिंग एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाए थे कि चोरी और धोखाधड़ी से मौरंग डंप की गई है। कोर्ट में मुकदमे के दौरान तत्कालीन एडीएम, खंडधारक, कर्मचारियों, एसडीएम, खनिज अधिकारी की गवाही हुई थी।
इसके बाद अभियोजन कपिल मुनि करवरिया पर आरोप सिद्ध नहीं कर पाए। बचाव पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार द्विवेदी व शाश्वत गर्ग ने दलीलें रखीं। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के मुताबिक, कपिल मुनि करवरिया के अलावा अन्य आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। कपिल मुनि के नाम पर खनन को कोई पट्टा और डंप का रिकाॅर्ड प्रशासन नहीं पेश कर सका।
साक्ष्यों के आभाव में कोर्ट ने कपिल मुनि को बरी कर दिया है। इस प्रकरण में बरी होने के बाद भी कपिल मुनि करवरिया दूसरे मामलों में गैर जिलों की जेल में रहेंगे।
चोरी में दोषी को पांच साल की कैद
एसीजेएम कोर्ट संख्या तृतीय ने चोरी के मामले में आरोपी को दोषी करार देकर पांच साल की कैद और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। गाजीपुर पुलिस ने पांच साल पहले चोरी के मामले में किमिदियापुर गांव के सुरेश पासी उर्फ कनकटा को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने मामले की शुक्रवार को अंतिम सुनवाई की। अंतिम सुनवाई के बाद सुरेश को सजा सुनाई है।