सलेमपुर खदान में ग्रामीणों से बयान लेते इंस्पेक्टर धाता वीरेंद्र सिंह
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खागा। सलेमपुर मौरंग खदान का पट्टा सोमवार को निरस्त कर दिया गया। एसडीएम के निर्देश पर अफसरों की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और नए आदेशों से खदान संचालक को अवगत कराकर काम बंद करा दिया। पटटा निरस्त होने के पीछे खदान संचालक के भूखंडों के अनुबंध की रजिस्ट्री न कराना कारण बताया जा रहा है।
खागा तहसील व धाता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सलेमपुर मौरंग खदान करीब दो महीने से संचालित थी। पिछले कुछ समय से यहां पर लगातार प्रशासनिक टीम ने छापेमारी की और खामियां पकड़ी थीं।
सोमवार को एसडीएम खागा ने सलेमपुर खदान को दिए गए भूखंडों के पट्टों को निरस्त कर दिया। एसडीएम प्रहलाद सिंह ने बताया कि खदान संचालक को जिन भूखंडों के पट्टे दिए गए थे, वह उनके अनुबंध पत्र की रजिस्ट्री नहीं करा रहे थे।
नियमानुसार पट्टा मिलने के बाद उसकी रजिस्ट्री होना आवश्यक होती है। उन्हें इस संबंध में कई बार चेतावनी और नोटिस दी गईं। बावजूद इसके पट्टाधारक ने रजिस्ट्री नहीं कराई।
ऐसे में आला अधिकारियों ने पटटा निरस्त कर काम बंद कराने के निर्देश जारी किए थे। इस क्रम में सोमवार को एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार, खान अधिकारी धाता पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे और काम बंद करा दिया।
सलेमपुर मौरंग खदान का पटटा निरस्त कर दिया गया है। उनके द्वारा अनुबंध पत्र की रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही थी। ओटीपी बंद करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी फतेहपुर।