किशनपुर(फतेहपुर)। शारदीय नवरात्र व रामलीला मंचन आयोजन को लेकर चल रही उहापोह का निस्तारण सोमवार को पीस कमेटी की बैठक में हुआ। एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में आयोजकों ने अपनी समस्याओं को बैठक में रखा और स्पष्ट निर्देश प्राप्त किए। कहा गया कि शासन से तय गाइड लाइन का पालन करते हुए नवरात्र का त्योहार मनाएं। प्रतिमा मुख्य सड़क से हटकर स्थापित करें। प्रतिमा की ऊंचाई पांच से छह फीट तक ही रखें।
किशनपुर थाने में सोमवार को पीस कमेटी की बैठक हुई। इसमें एसडीएम खागा प्रहलाद सिंह व सीओ अंशुमान मिश्र शामिल हुए। एसडीएम ने बताया कि नवरात्र में आयोजक पांच से छह फीट की प्रतिमाएं खुले स्थान पर रखें। यह जगह मुख्य सड़क किनारे नहीं होनी चाहिए। मूर्ति रखने से पहले जगह का चयन कर उनके कार्यालय में आवेदन कर अनुमति प्राप्त करनी होगी। आयोजन स्थल पर प्रवेश व निकास द्वार की व्यवस्था करनी होगी। जमीन पर गोले बनाकर उसी में लोगों को खड़ा किया जाए। इसी तरह से सैनिटाइजर व थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था आयोजक को करनी पड़ेगी। विसर्जन के समय छोटी गाड़ियों का प्रयोग करें और कम से कम लोग ही विसर्जन में जा सकेंगे।
किशनपुर की ऐतिहासिक रामलीला को लेकर एसडीएम ने कहा कि जिस मैदान में दर्शक बैठेंगे। वहां पर छह-छह फीट की दूरी पर गोले बनाने का काम पूरा किया जाए। दर्शकों को इन्हीं गोलों में बैठना होगा। मैदान व मंच को सुबह और शाम को सैनिटाइजर कराना होगा। जिससे संक्रमण की आशंका कम से कम हो। रामलीला मैदान में संक्रमण के संदिग्ध लोगों के लिए एकांत कमरे की व्यवस्था रखी जाए। हर व्यक्ति मास्क का प्रयोग करेगा। बता दें कि 19 अक्तूबर से किशनपुर व 21 अक्तूबर से नरैनी और दिवाली के बाद शिलमी गढ़वा गांव में प्रमुख तौर पर रामलीला का मंचन होना है।