हमीरपुर निवासी संतराम की पुत्री शिल्पी (26) की शादी चार साल पहले बुद्धपाल निषाद के साथ हुई थी। महिला का एक दो साल का बेटा बबुआ भी था। पति बुद्धपाल गुजरात के सूरत में प्राइवेट नौकरी करता है। पति एक माह पहले गांव लौटा था।
परिवार में सास कलावती और ससुर रामऔतार रहते हैं। किसी बात पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे शिल्पी का सास कलावती से विवाद हुआ। इसके बाद शिल्पी बच्चे को लेकर घर से निकल गई। रास्ते में पिता संतराम को फोन कर बोली कि उसके लिए कफन ले आएं।
पिता ने फौरन पुत्री के ससुर व दामाद को सूचना दी। करीब दो घंटे तक परिजन खोजबीन में जुटे रहे। घर से करीब दो किमी दूर गांव किनारे नीम के पेड़ पर एक ही साड़ी के फंदे से लटके मां-बेटे मिले। आधी साड़ी के फंदे में शिल्पी और दूसरे छोर पर बच्चे के गले में फंदा कसा हुआ था।