धाता। बारिश के बीच क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 33 हजार वोल्ट की लाइन पर पेड़, खंभे गिरने, सिराथू रेलवे लाइन के नीचे से निकले केबल में खराबी और धाता पावर हाउस परिसर में जलभराव के कारण धाता और खरसेडवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। करीब एक लाख की आबादी को 27 घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ा। बुधवार शाम छह बजे गुल हुई बिजली बृहस्पतिवार रात नौ बजे के बाद बहाल हो सकी।
सिराथू से धाता और खरसेडवा आने वाली 33/11 केवी लाइन पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई। खरसेडवा उपकेंद्र को आने वाली लाइन के तीन खंभे हरदवां गांव के पास गिर गए। विद्युत निगम की टीमों ने बारिश के बीच फाॅल्ट दूर करने का काम शुरू किया।
इस दौरान बिजली न होने से घरों में लगे सबमर्सिबल पंप, पानी की मोटर, इन्वर्टर और अन्य घरेलू उपकरण बंद रहे। लोगों को एक रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी और पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
अवर अभियंता अजय कुमार ने बताया कि खरसेड़वा पावर हाउस की ओर गिरे खंभों को ठीक कराया गया। सिराथू से धाता के बीच बिजली लाइन पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए कर्मचारी मौके पर जुटे रहे। बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।