अमौली। बुधवार शाम तेज हवा के साथ हुई बारिश ने यमुना तटवर्ती क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। 40 गांवों में बिजली के 98 खंभे टूटकर गिर गए। इससे करीब दो लाख की आबादी प्रभावित है। दो दिन से आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीण अंधेरे में रहने के साथ मोबाइल चार्ज करने और पीने के पानी के लिए भी परेशान हैं।
परसेढ़ा, गंगूपुर, श्यामपुर, भरसा, बानीताला, कहिंजारा, रुस्तमपुर, भगलापुर, अहिरनपुर, इटरा, चकलाला, आत्मादपुर, भाजीताला गोहरारी, सरहन खुर्द, निरखी, कुंदेरामपुर, धमना खुर्द और झलिया समेत कई गांवों में बिजली के खंभे टूटे हैं। रुस्तमपुर मार्ग और बरमपुर के पास पोल गिरने के साथ पेड़ भी सड़क पर आ गए, जिससे आवागमन बाधित रहा।
अमौली उपकेंद्र के सात फीडरों में से केवल कस्बे की बिजली आपूर्ति चल सकी। पंप कैनाल दपसौरा, चांदपुर और मानेपुर फीडर पूरी तरह बाधित हैं। बिरनई फीडर से कुछ गांवों में ही बिजली मिल रही है। अवर अभियंता अनिल मलिक ने बताया कि क्षति की रिपोर्ट अफसरों को भेज दी गई है। खंभे उपलब्ध होते ही उन्हें लगवाया जाएगा। कुछ प्रभावित क्षेत्रों में शुक्रवार तक आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
200 गांवों में आठ घंटे आपूर्ति ठप
बहुआ। 33 केवी लाइन में मरम्मत के चलते बृहस्पतिवार को बहुआ और दतौली उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में आठ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। दरवेशाबाद ट्रांसमिशन से दोनों उपकेंद्रों को आने वाली लाइन की मरम्मत के लिए सुबह 11 बजे आपूर्ति बंद कर दी गई। करीब आठ घंटे बाद बिजली बहाल हो सकी। जेई केतकार सिंह ने बताया कि 33 केवी लाइन में जर्जर जंपर और इंसुलेटर बदलने के साथ टेढ़े खंभे भी ठीक किए गए। इससे आपूर्ति बंद रखी गई थी।