फतेहपुर। जिले में बिजली का संकट और गहरा गया है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सिर्फ चार से पांच घंटे बिजली मिल रही है। ऐसे में त्योहारी सीजन पर लोगों की समस्या बढ़ गई है। हालांकि आपातकालीन रोस्टिंग का निर्देश ट्रांसमिशन प्रबंधन को पनकी कंट्रोल रूम से मिलता है।
अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जिले में एक हफ्ते से शुरू हुआ है। ट्रांसमिशन से आपातकालीन रोस्टिंग की जा रही है। इससे 33/11 केवीए ग्रामीण विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इस आपातकालीन रोस्टिंग का कोई समय तय नहीं है कि कितने समय आपूर्ति बंद की जाएगी।
कंट्रोल रूम से आदेश आते ही बिजली बंद कर दी जाती है। इस कटौती की जद में आने वाले उपकेंद्र को 24 घंटे में चार-पांच घंटे ही बिजली मिलती है। ऐसे में रात को भी दो से तीन घंटे ही बिजली मिल रही रही है। लोगों को सुकून की नींद भी नहीं आती है। मंडासराय के ग्रामीण कल्लू सिंह ने कहा कि रात में दो से तीन घंटे ही बिजली मिलती है। उमस भरी गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के कारण सोने को भी नहीं मिलता है। असोथर के जयदेव सिंह गौतम ने कहा कि जितनी बिजली मिलती है, उससे घर के इनवर्टर भी चार्ज नहीं हो पाते हैं।
कोयला की कमी से बिजली का संकट बढ़ गया है। फिलहाल ग्रामीण क्षेेत्रों में आपातकालीन रोस्टिंग शुरू की गई है, जिसका पावर ग्रिड से आदेश आता है। पावर ग्रिड से बिजली संकट दूर होने पर ही रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति मिलेगी। - मोहम्मद जाहिद सिद्दीकी, उपखंड अधिकारी असोथर