फतेहपुर। तिहरे हत्याकांड मामले को लेकर डीजीपी से लेकर सीएम तक सख्त हैं। दोनों पल पल की जानकारी ले रहे हैं। एडीजी से भी कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किए गए हैं। इतने बड़े हत्याकांड की पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। वहीं पहले भी हो चुके मारपीट को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए हैं। इसकी गाज किसी पर गिर सकती है।
थानाक्षेत्र हथगाम के गांव अखरी में प्रधान रामदुलारी के पुत्र विनोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह, अनूप सिंह, विनोद सिंह के पुत्र अभय सिंह को मंगलवार सुबह गांव के ही पूर्व प्रधान सुरेश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह, पुत्र पीयूष सिंह, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस तिहरे हत्याकांड की गूंज राजधानी तक पहुंची है।
सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी प्रशांत कुमार मामले की हर जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने एडीजी भानू भास्कर से घटना के बाद कई बार बातचीत की। उनके निर्देश पर ही एडीजी मंगलवार रात दोबारा खागा पहुंचे। उन्होंने ही आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर योजना तैयार की। आरोपियों को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया गया। वे बुधवार अलसुबह करीब साढ़े तीन बजे प्रयागराज को रवाना हुए। उन्होंने प्रधान पुत्र के साथ पुरानी मारपीट व अन्य मामलों की भी जांच शुरू की है।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा। आरोपी पक्ष पहले भी कई बार आमने-सामने हो चुका था और कुछ महीने पहले पप्पू सिंह से मारपीट भी की थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की। आरोपियों पर एक सफेदपोश नेता का संरक्षण की भी खुलेआम चर्चा रही। उनकी वजह से ही आरोपी पक्ष मनबढ़ हो गया था। पुलिस का घटनाओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ गया। पुलिस की चूक पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।