फतेहपुर। पुलिस के भारी दल बल के बीच पीड़ित परिवार के घर फरार हत्यारोपी की भांजी बिलखते हुए पहुंच गई। वह दिवंगत पप्पू सिंह की प्रधान मां रामदुलारी व अन्य परिजनों के सामने हाथ जोड़कर खड़ी हो गई। वह बोली कि उसका मामा ज्ञान सिंह घटना में शामिल नहीं था। वह प्रधान के सामने बिलखने लगी। हालांकि उसे महिला झिड़कती नजर आई।
यह देखकर महिला पुलिस दौड़कर पहुंची। पुलिस साक्षी को मौके से उठा ले गई और उसके घर छोड़कर आई। दरअसल मामले को लेकर महिला पुलिस ने ज्ञान सिंह के घर में दबिश दी। हत्यारोपी की गिरफ्तारी का दबाव बनाने की उसकी बहन मुकुन सिंह को पकड़ ले गई। बहन को पकड़ने के बाद बुल्डोजर कार्रवाई चालू हो गई। यह सब देखकर साक्षी भयभीत हो गई और मां को बचाने के लिए पीड़ित परिवार के ही घर पहुंच गई। बड़ी बात यह रही कि साक्षी हत्यारोपी की भांजी है। पूरे गांव समेत दोनों पक्षों के घरों में पुलिस बल तैनात रहा। उसके बाद भी वह सुरक्षा को भेदती हुई दिवंगत के घर पहुंच गई।
अब नहीं सह पाएंगे गंगा किनारे ले जाओ
पहले शवों के अंतिम संस्कार के लिए चिता घर के पीछे लगाई जा रही थी। इसी दौरान अनूप की पत्नी मनीषा व बहनें नीलम, सोनी ने रोक लगा दी। वह बोलीं कि चिता लगने वाली जगह को वह लोग प्रतिदिन देखकर रोए और बिलखेंगे। इससे अच्छा है कि अब इनका गंगा किनारे ही अंतिम संस्कार किया जाए। जिसके बाद गंगा किनारे शवों को मुखाग्नि दी गई।
जनप्रतिनिधि नजर नहीं आए
घटनाकांड में सपा व भाकियू नेताओं को छोड़कर पीड़ित परिवार का हाल जानने कोई नहीं पहुंचा। मौके पर हुसैनगंज विधानसभा के सपा नेता पप्पू सिंह व अन्य जिले के सपाई पहुंचे।
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32 वोट से हारा था मुन्नू सिंह
चुनाव में करीब 2000 मतदाताओं ने मतदान किया था। प्रतिद्वंदी मुन्नू सिंह और पप्पू सिंह ही थे। दोनों के बीच कड़े मुकाबले के बाद मुन्नू सिंह को 32 वोटों से हार स्वीकार करनी पड़ी थी। ग्रामीणों ने बताया कि मुन्नू सिंह चुनाव में पुलिस प्रशासन, धन व बल का प्रयोग किया था। इसके बाद भी उसे हारना ही पड़ा था।
फायरिंग में मुन्नू सिंह की 2021 से राइफल जमा
2021 में प्रधानी चुनाव हारने के बाद मुन्नू सिंह ने सड़क निर्माण को पूरा कर रकम का भुगतान कराने का प्रयास किया था। इसका पप्पू सिंह ने विरोध किया था। उस समय पप्पू की मां का शपथ ग्रहण नहीं हुआ था। विवाद पर मुन्नू सिंह पक्ष ने फायरिंग की थी। फायरिंग के बाद मुन्नू सिंह की रायफल पुलिस ने जमा कर ली थी। इसके पहले मुन्नू सिंह के पास लाइसेंसी बंदूक थी। बंदूक भी एक अपराधिक मामले में निरस्त हो चुकी है।
पप्पू के बहनोई इंस्पेक्टर
दिवंगत पप्पू की दो बहन सुनीता व नीलम हैं। घटना से बहनों का हाल बेहाल दिखा। बहन सुनीता के पति का धीरेंद्र बहादुर सिंह का बड़ा भाई बृजेंद्र बहादुर सिंह इंस्पेक्टर हैं। उनकी तैनाती सुल्तानपुर जिले में होना बताया जा रहा है।
तहरीर वायरल पर एक युवक को बैठाया
घटना की शिकायत लिखे जाने के बाद एक युवक ने तहरीर वायरल हो गई। तहरीर वायरल होने का पता लगने पर पुलिस ने युवक को थाने में बैठा लिया। पुलिस को पता लगा कि वायरल तहरीर आरोपी पक्ष के पास पहुंची है।