फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के तेंदुली के पास पुलिस मुठभेड़ में घायल बबलू उर्फ राजा को पुलिस ने बुुधवार को जेल भेजा है।
इसके साथ ही बदमाश को सात साल से संरक्षण देने वालों की तलाश में पुलिस अब जुटी है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, बाइक चोरी, फ्राड का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
सेलावन कंचनपुर गांव निवासी बबलू उर्फ राजा हत्यायुक्त डकैती के मामले में 2013 से फरार चल रहा था।
उसे बिंदकी कोतवाल सत्येंद्र सिंह और एसएसआई आशुतोष सिंह ने सोमवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उसका दूसरा साथी समरजीत मौके से भाग निकला।
पुलिस ने उसकी तलाश की लेकिन असफल रही। कोतवाल सत्येंद्र सिंह की ओर से बबलू के खिलाफ पुलिस पर गोली चलाने, चोरी बाइक में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमने के आरोप का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुकदमे में जिक्र किया गया है कि एसएसआई आशुतोष ने तीन राउंड फायरिंग की। दो राउंड फायर मिस हुआ। तीसरी गोली चलने के बाद ही धर्मेंद्र ने आत्मसमर्पण किया।
इससे पहले कोतवाल सत्येंद्र की गोली बबलू के पैर में लग चुकी थी। सीओ योंगेंद्र मलिक ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा गया है।
बाइक की नंबर प्लेट ई चालान एप पर चेक की गई। जिसमें कानपुर के एक व्यक्ति की बाइक का नंबर मिला। आरोपी फरार होने के दौरान किसके संरक्षण में रहा है उनकी तलाश की जा रही है।
एसपी से फर्जी मुठभेड़ की शिकायत
मुठभेड़ में घायल बबलू के भाई अनिल समेत कई ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक सतपाल आंतिल से मुठभेड़ की जांच कराने की मांग की।
अनिल ने एसपी को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें कहा है कि वह बबलू के साथ दरियापुर गांव शहद निकालने गया था। रास्ते से पुलिस ने उसे 7 फरवरी को पकड़ा था।
उसके बाद खजुहा चौकी में परिजनों को बुलाया उसे छोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस ने मंगलवार रात भाई को गोली मारकर मुठभेड़ में पकड़ा जाना दिखाया है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।