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फकीर वेश में भीख मांगकर ससुर करता रेकी दामाद डालता डकैती

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औंग (फतेहपुर)। हाल ही में थाना क्षेत्र में डकैती, चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों बदमाश रिश्ते में ससुर-दामाद हैं। ससुर फकीर बनकर घरों की रेकी करता था और फिर दामाद साथी बदमाशों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देता था। उनके पास से लूटे गए जेवर भी बरामद किए गए हैं। पुलिस उनके तीन अन्य साथियों की तलाश कर रही हैं। फरार साथियों में गिरोह का सरगना भी शामिल है।
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औंग प्रभारी निरीक्षक जयचंद्र भारती और स्वाट प्रभारी विनोद मिश्रा की संयुक्त टीम ने रानीपुर गांव के पास से वकील नट निवासी महोलिया थाना साढ़ कानपुर और उसके ससुर रफीक नट निवासी दुर्गागंज थाना औंग को गिरफ्तार किया है। इनके तीन साथियों साढ़ थाना क्षेत्र के दुबरपुर कसेरुआ निवासी छोटू नट, महोलिया निवासी नाजिम और जहानाबाद थानाक्षेत्र के कोड़ा नटडेरा निवासी उमर उर्फ लंबू को फरार घोषित किया है।
पकड़े गए वकील के पास से चार जोड़ी पायल, एक हाफ पेटी, दो अंगूठी, आठ हजार रुपये, एक तमंचा पुलिस को मिला है। बरामद माल रहसूपुर और खदरा गांव में चार से छह जून के बीच हुई वारदातों में लूटा गया था।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि रफीक गांव में फकीर बनकर घूमते हुए घरों की रेकी करता है। इसके बाद दामाद वकील व उसके साथी वारदातों को अंजाम देते हैं। आरोपी वकील पर कानपुर के सचेंडी थाने में गैंगस्टर, हत्या का प्रयास, डकैती का प्रयास, आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों को गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। गैंग का मास्टर माइंड उमर हैं। गिरोह उन्नाव, फतेहपुर और कानपुर देहात में वारदातें करता है।
रफीक करीब 12 साल से आसपास के गांवों में फकीर बनकर घूम रहा था। उसकी झोपड़ी से पुलिस को शराब व कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलें डिस्पोजल गिलास भी मिले हैं। बदमाश वारदात में चोरी की बाइकों का इस्तेमाल करते थे। वकील ने कबूला कि चार अप्रैल को हाजीपुर गांव में उसके साथी उमर और गैंग के अन्य सदस्यों ने डकैती डाली थी। वकील ठीक से बोल और सुन भी नहीं पाता है। लूट का माल बदमाशों ने जिस सराफ के पास बेचा था, पुलिस ने दबिश भी दी लेकिन एक मंत्री के हस्तक्षेप के कारण कुछ बरामद नहीं कर सकी।
लूटपाट के मामले में जेल में निरुद्घ एक नट से पूछताछ के बाद पुलिस गैंग तक पहुंच सकी। वहीं से पुलिस को वकील और रफीक की जानकारी मिली। उमर और उसके साथियों के मोबाइल बंद होने के कारण नहीं पहुंचना माना जा रहा है।
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