फतेहपुर। जन आरोग्य मेला जैसी महत्त्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना एक बार फिर लापरवाही की भेंट चढ़ गई। रविवार को जिले के 50 से अधिक प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले का आयोजन प्रस्तावित था।
लेकिन कम से कम 10 केंद्रों पर न तो मेला लगा और न ही कोई सूचना दी गई। इस दौरान कई केंद्रों पर ताला मिलने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
मलवां ब्लॉक के गोपालगंज पीएचसी पर आयोजन की कोई तैयारी नहीं दिखी। केवल ओपीडी खुली रही। यहां डॉ. हिमांशु ने 20 मरीजों का सामान्य इलाज किया। सामान्य दिनों में यहां 50-60 मरीज आते हैं।
देवमई पीएचसी पर डॉक्टर और स्टाफ नदारद रहे और सूचना बोर्ड भी खाली मिला। भैसौली उप स्वास्थ्य केंद्र में तो अस्पताल पर ताला लटका मिला। नियमों के अनुसार छुट्टी के दिन भी एक कर्मी की उपस्थिति अनिवार्य है।
चिकित्सा अधिकारी मनीष शुक्ला ने बताया कि हर रविवार को आरोग्य मेला लगना सुनिश्चित है, लेकिन कुछ कारणों से आयोजन नहीं हो सका। हालांकि वह मेला न लगने का कारण स्पष्ट नहीं कर सके।
मजबूरी में निजी अस्पताल से लेनी पड़ी दवा
नयाखेड़ा गांव के राजाराम ने बताया कि रविवार को आरोग्य मेला लगने की जानकारी मिली थी। दो दिन से बुखार आ रहा है, उसी का इलाज कराने के लिए आए हैं, लेकिन अस्पताल में किसी तरह की कोई व्यवस्था ही नहीं है। मजबूरी में निजी अस्पताल से दवा ली है।
बड़ाखेड़ा की रामदुलारी ने बताया कि पेट में परेशानी है। इसी को दिखवाने के लिए अस्पताल आईं हैं, लेकिन यहां डॉक्टर ही नहीं है। इसके पहले भी डॉक्टर न होने के कारण परेशान हो चुकी है। मजबूरी में जिला अस्पताल जा रही है।
हर रविवार को प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगाने का आदेश है। रविवार को भी सभी केंद्रों में आरोग्य मेला का आयोजन हुआ है, जहां नहीं हुआ उसकी जानकारी नहीं है। इसकी जांच करवाई जाएगी।
डॉ. इश्तियाक अहमद, एसीएमओ।
फोटो-40-भैसोली प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र में लगा ताला। वीडियो ग्रैब
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