फतेहपुर। नवरात्र का चौथा दिन मां कूष्मांडा के नाम रहा। भक्तों ने पूजन और भोग लगाने के बाद देवी को प्रसन्न करने के लिए जयकारे लगाए। ब्रह्मांड की रचना कर सृष्टि का विस्तार करने वाले देवी कूष्मांडा देवी का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का है, इसलिए इनके पूजन का विशेष महत्व है।
चैत्र नवरात्र के चौथे दिन भक्तों ने भक्तों ने मां कूष्मांडा की विधिवत पूजा की। देवी को पान, पुष्प, नारियल और प्रसाद चढ़ाया गया। फिर मंत्र और देवी पाठ का स्मरण कर भक्तों ने घी के दीपक जलाए। संक्रमण काल में देवी मंदिरो में पूजन बंद होने से भक्तों ने घरो में कलश स्थापित कर मां भगवती के नौ रूपों के उपवास रखे हैं। लोग अपने-अपने घरों में देवी का पूजन कर रहे हैं।