फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ रोड पर संचालित नुरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल काफी समय से सवालों के घेरे में रहा है। उमर गौतम के पकड़े जाने के बाद नुरुल हुदा का मामला गर्माया था। जिला प्रशासन की जांच टीम भी पहुंची थी। मामले में प्रशासन ने क्लीन चिट दी थी।
लखनऊ एटीएस ने 21 जून को धर्मांतरण के आरोपी उमर गौतम को गिरफ्तार किया था। एटीएस का खुलासे में सामने आया कि उमर गौतम थरियांव थाना क्षेत्र के पंथुवा गांव का रहने वाला है। उमर गौतम ने 1982 में मुस्लिम धर्म को अपनाया था। वह श्याम प्रताप सिंह से उमर गौतम बना था। मूल रूप से फतेहपुर का रहने
वाला होने की वजह से उसकी जिले में अच्छी पकड़ थी। कई मुस्लिम संगठनों, मदरसों, स्कूलों में उसका आना-जाना था। उमर के पकड़े जाने के बाद नुरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल पर सवाल उठे थे। शिक्षिका कल्पना सिंह की ओर से शिकायत भी की गई थी। मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की ओर से प्रशासन
को जांच की सिफारिश की गई थी। जिसके बाद प्रशासन की संयुक्त टीम ने नुरुल हुदा की जांच की थी। जांच टीम ने क्लीन चिट दे दी थी। अब उसी कल्पना सिंह के आरोप पर पुलिस ने नुरुल हुदा के प्रबंधक और उसके बेटे व उमर गौतम के खिलाफ धर्मांतरण के आरोप का मुकदमा दर्ज किया है। साफ है कि जिला प्रशासन की भी भूमिका मामले में संदिग्ध रही है। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया मामले के हर पहलू की जांच होगी जो भी लोग उमर से जुड़े थे। उन सभी का पर्दाफाश किया जाएगा।
नुरुल हुदा स्कूल के प्रबंध समिति के एक व्यक्ति का सत्ता पक्ष के एक बड़े पदाधिकारी से अच्छा संपर्क था। सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने पदाधिकारी के इशारे पर ही नूर हुदा स्कूल पर लगे आरोप की जांच में क्लीन चिट दे दी थी।
एटीएस के हत्थे चढ़ने वाले उमर गौतम का पुलिस संबंधित कोर्ट में वारंट भेजेगी। जिसके बाद उमर गौतम के खिलाफ दर्ज इस मामले का भी ट्रायल होगा। कोतवाल अनूप सिंह ने बताया मामले की विवेचना शुरू की गई है। जल्द ही प्रबंध समिति के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उमर गौतम के खिलाफ वारंट बनाकर पुलिस भेजेगी।