nag panchami festival in fatehpur
फतेहपुर में जिले भर में नागपंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों के कपाट बंद होने के कारण भक्तों ने बाहर ही माथा टेका। नाग देवता की महिलाओं ने घर पर पूजा अर्चना की और कालसर्प दोष मुक्ति के लिए पूजा कराई। सावन के महीना में नागपंचमी से घरों-घरों में झूले पड़ गए। शाम को बच्चों ने गुड़िया पीटी।
नागपंचमी के अवसर पर घर में सुख संपन्नता व समृद्धि के लिए सुबह परंपरागत तरीके से महिलाओं और लड़कियों ने शिवमंदिर में जाकर पूजा की। नाग देव का चिह्न बनाकर उसकी पूजा व पुष्प अर्पित किए और मनोकामना मांगी।
इस दौरान कई जगह नागदेव की कथा भी सुनी गई। हालांकि कोरोना की वजह से मंदिर तो बंद रहे, लेकिन गेट के बाहर की बेलपत्र, फूल चढ़ाकर लोगों ने अपनी श्रद्धा दिखाई।
उधर, गंगाघाट पर भी श्रद्घालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। नाग पंचमी के अवसर पर शाम पहर घरों में महिलाओं ने गाय का दूध रखा। मान्यता है कि इस दिन सांपों को दूध पिलाने से काल से मुक्ति मिलती है और परिवार पुण्य लाभ का भागीदार बनता है।